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नितिन गडकरी का 'निजी सचिव' बनकर मेयर से मांगे 12 करोड़ रुपये, गिरफ्तार

Thu, 20 Sep 2018 09:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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Fake people
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का निजी सचिव बताकर फर्जीवाड़ा करने वाला एक शख्स जयपुर में पकड़ा गया है। मंगलवार को वह एक सफाई कंपनी का 12 करोड़ रुपया बकाया दिलाने जयपुर के मेयर अशोक लाहोटी के पास पहुंचा था। उसने खुद को नितिन गडकरी का निजी सचिव बताया और बकाया रुपयों की मांग करने लगा। इस दौरान सफाई कंपनी 'प्रहरी' के मालिक कमलजीत सिंह और अंजुम वाहिद भी उसके साथ थे। पकड़े गए फर्जी शख्स का नाम अजय राणा बताया जा रहा है।

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बता दें कि 'प्रहरी' कंपनी को 2011 में शहर में स्वच्छता सेवाओं के लिए सम्मानित किया जा चुका है। चूंकि कंपनी ने अपने कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं कराया था, जिसकी वजह से तत्कालीन महापौर (मेयर) ज्योति खंडेलवाल ने कंपनी के 12 करोड़ रुपये के भुगतान को रोक दिया था।  

ऐसे पकड़ा गया फर्जी शख्स 

अजय राणा ने मेयर से बकाया रुपयों का भुगतान करने का कहा, जिसके बाद मेयर ने उससे उसका पहचान पत्र मांगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह सच में नितिन गडकरी का निजी सचिव है या नहीं। हालांकि उसने पहचान पत्र दिल्ली में अपने घर पर भूल आने की बात कही। 
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इसपर मेयर को शक हुआ। इसके अलावा शख्स का पहनावा और उसके बात करने का तरीका भी शक पैदा करने वाला था। जिसके बाद उन्होंने चुपके से शख्स की एक फोटो खींच ली और उसे पहचान के लिए नितिन गडकरी के दफ्तर में भेज दिया। लेकिन वहां से जवाब मिला कि इस नाम का या ऐसा कोई शख्स गडकरी के दफ्तर में काम ही नहीं करता है। 

इसके बाद मेयर ने अपने कर्मचारी को पुलिस बुलाने को कहा और उस शख्स को तब तक बातों में उलझाए रखने को कहा जब तक पुलिस मौके पर न पहुंच जाए। वहीं, मेयर ने जब शख्स से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सबकुछ उगल दिया। उसने बताया कि उसका असली नाम अशोक पुंडीर है और वह मेरठ का रहने वाला है और कुछ समय से वह दिल्ली में ही रह रहा है। फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त में है। 

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