फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udaipur: बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी की जमानत याचिका खारिज, करोड़ों के हेराफेरी का है आरोप

Sat, 31 Jan 2026 07:01 PM IST
उदयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर

सार

Udaipur: बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी  श्वेतांबरी भट्ट को राजस्थान हाईकोर्ट ने 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में जमानत नहीं दी। साथ ही सह-आरोपी मेहबूब अंसारी की जमानत याचिका भी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि जांच अभी जारी है और इस स्तर पर बेल देना उचित नहीं होगा। 
विज्ञापन
बॉलीवुड़ डायरेक्टर पर धोखाधड़ी मामला , विक्रम भट्ट और पत्नी की जमानत खारिज, राजस्थान हाईकोर्ट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट के 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने उन्हें और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को राहत नहीं दी। जोधपुर बेंच ने तीनों विक्रम भट्ट, श्वेतांबरी भट्ट और सह आरोपी मेहबूब अंसारी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच अभी चल रही है और इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा।

विज्ञापन


फर्जी बिल बनाकर 4.23 करोड़ की हेराफेरी
याचिका की सुनवाई जस्टिस विनोद कुमार भारवनी की एकल पीठ ने की। सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक ने जमानत का कड़ा विरोध किया और कहा कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की है। जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है। जांच में सामने आया है कि विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट ने अलग-अलग नामों से फर्जी बिल तैयार कर शिकायतकर्ता से पैसे ट्रांसफर करवाए। इन पैसों को अलग-अलग खातों में डलवाकर खुद इस्तेमाल किया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर 4 करोड़ 23 लाख 13 हजार 424 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाए, जिनमें से 1 करोड़ 65 लाख 69 हजार 955 रुपये सीधे अपने खातों में डालकर कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किए गए।

गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं आरोपी
अभियोजन ने यह भी कहा कि सह-आरोपी मेहबूब अंसारी की सक्रिय भूमिका जांच में सामने आई है। आरोप है कि आरोपी गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
विज्ञापन


क्या है पूरा मामला?
दरअसल, राजस्थान की इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट के साथ एक फिल्म निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये का अनुबंध किया था। बाद में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए डॉ. मुर्डिया ने 17 नवंबर को उदयपुर में विक्रम भट्ट सहित आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। जांच के दौरान उदयपुर पुलिस ने पहले विक्रम भट्ट के को-प्रोड्यूसर मेहबूब अंसारी और कथित फर्जी वेंडर संदीप को मुंबई से गिरफ्तार किया। इसके बाद 7 दिसंबर को विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को मुंबई स्थित उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया। 

ये भी पढ़ें: पारिवारिक रंजिश में रिश्तों का खून, भतीजे ने की चाचा की चाकू मारकर हत्या
विज्ञापन


पहले भी इस मामले में सुनवाई कर चुका है कोर्ट 
दोनों को 9 दिसंबर को उदयपुर कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। गिरफ्तारी के दिन ही राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने विक्रम भट्ट की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की थी। गिरफ्तारी में जल्दबाजी के आरोपों पर हाईकोर्ट ने आईजी, एसपी और जांच अधिकारी को तलब करने के आदेश दिए थे। वहीं, बॉलीवुड से जुड़े बड़े नाम और करोड़ों के लेनदेन के कारण यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें