भारतीय जनता पार्टी, शहर जिला उदयपुर द्वारा आपातकाल की 50वीं बरसी एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर सुखाड़िया रंगमंच पर संगोष्ठी एवं लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल तथा मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ उपस्थित रहे।
डॉ. अग्रवाल ने अपने संबोधन में आपातकाल को “देश की दूसरी गुलामी” बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल विदेशी आक्रांताओं से नहीं, बल्कि तब भी छिन जाती है, जब किसी नागरिक की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों का हनन हो। उन्होंने आपातकाल की तुलना नाजी शासन से करते हुए कहा कि 1939 में हिटलर ने जो किया, वही 1975 में कांग्रेस ने किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता में बने रहने के लिए हाईकोर्ट में चुनाव रद्द होने के बाद आपातकाल थोपकर प्रेस की स्वतंत्रता, विपक्ष की आवाज, छात्रों, कर्मचारियों और न्यायपालिका की स्वतंत्रता तक को कुचल डाला। डॉ. अग्रवाल ने जम्मू-कश्मीर के विलय, चीन युद्ध के दौरान भारत की भूमि गंवाने और लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमय मृत्यु जैसे मुद्दों को भी कांग्रेस सरकारों की विफलताओं और षड्यंत्रों से जोड़ते हुए कांग्रेस पर सीधा प्रहार किया।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन और सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए कांग्रेस से अलग होकर जनसंघ की स्थापना की, जो आज भाजपा के रूप में देश का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है। उन्होंने दो विधान, दो प्रधान, दो निशान के विरोध में नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और बिना परमिट कश्मीर जाकर बलिदान दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. अग्रवाल और राठौड़ ने टाउन हॉल परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही ‘एक वृक्ष मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। समारोह में उदयपुर जिले के 64 लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, पूर्व सांसद अर्जुन लाल मीणा, विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत, डॉ. मनालाल रावत, जिला प्रमुख ममता पवार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।