उदयपुर जिले के वल्लभनगर क्षेत्र निवासी वरदीचंद मेनारिया की 12 जून को अहमदाबाद एयर इंडिया ड्रीमलाइनर हादसे में मृत्यु हो गई थी। हादसे के एक महीने बाद उनके परिजनों से एक कथित सरकारी प्रतिनिधि और खुद को सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा बताने वाले ठगों ने संपर्क किया।
अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के बोइंग ड्रीमलाइनर प्लेन हादसे में जान गंवाने वाले वरदीचंद मेनारिया के परिजनों से अब मुआवजे के नाम पर ठगी की कोशिश की गई है। खुद को सरकारी और सुप्रीम कोर्ट का प्रतिनिधि बताकर ठगों ने दस्तावेज मांगे और खाली स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करवाने का प्रयास किया। मामला सामने आने के बाद उदयपुर के वल्लभनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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सरकारी प्रतिनिधि बन किया संपर्क
वल्लभनगर क्षेत्र के रूंडेड़ा गांव निवासी वरदीचंद मेनारिया की 12 जून 2025 को अहमदाबाद एयर इंडिया ड्रीमलाइनर हादसे में मृत्यु हो गई थी। 17 जुलाई को उनके बेटे दीपक मेनारिया को एक व्यक्ति भूपेंद्र का फोन आया, जिसने खुद को सरकारी प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि बोइंग कंपनी के खिलाफ केस कर 8 से 10 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलवाया जाएगा। इसके लिए मृतक का पासपोर्ट और टिकट की कॉपी मांगी गई।
सुप्रीम कोर्ट से जुड़े होने का दावा
अगले दिन 18 जुलाई को एक महिला और पुरुष गुजरात नंबर की कार से वरदीचंद के घर पहुंचे। उन्होंने खुद को सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा हुआ बताया और वरदीचंद की पत्नी से बातचीत की। परिवार को शक हुआ तो उन्होंने बेटे दीपक को बुलाया। आरोप है कि ठगों ने दबाव बनाकर खाली स्टाम्प पेपर पर साइन करवाने की कोशिश की और ज़रूरी दस्तावेज मांगे। मना करने पर कॉल और मैसेज के माध्यम से धमकी दी गई।
वल्लभनगर थानाधिकारी दिनेश पाटीदार ने बताया कि इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित खुद को वकील बताकर दस्तावेज जुटाने का प्रयास कर रहे थे। गौरतलब है कि इस हादसे में राजस्थान के 14 लोगों की जान गई थी, जिनमें उदयपुर जिले के 5 लोग शामिल थे। एयर इंडिया की ओर से मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई थी। इस संवेदनशील मौके पर परिवारों को ठगों द्वारा निशाना बनाए जाने की घटना से स्थानीय लोगों में रोष है।