वीडियो ज्यादा लोगों तक न जाए, इसके लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
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उदयपुर में नुपुर शर्मा के विवादित बयान का समर्थन करने पर कन्हैयालाल की गर्दन काटने का मामला तूल पकड़ रहा है। सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई है। पुलिस के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनावपूर्ण भी है। पुलिस ने हत्या के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। स्थिति देखने के बाद कर्फ्यू लगाया जा सकता है।
दरअसल, हत्यारों ने हत्या के दौरान का वीडियो बनाया है। उसे वायरल करने की कोशिश भी की। हत्या के बाद दोनों हत्यारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की धमकी भी दी। उन्होंने चेताया कि वीडियो वायरल करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान पुलिस के महानिदेशक एमएल लाठर ने समस्त मीडिया चैनल्स से उदयपुर में हुए वीभत्स हत्याकांड से संबंधित वीडियो न दिखाने की अपील की है। इसी तरह अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून) हवासिंह घुमरिया ने भी आम लोगों से उदयपुर हत्याकांड के वीडियो को वायरल करने से बचने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वीडियो को वायरल करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख़्त कार्यवाही की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया
घुमरिया ने कहा कि यह निंदनीय घटना है। उदयपुर में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है। जयपुर से दो एडिशनल डीजी रवाना किए गए हैं। एक एआईजी वहां पर रह चुके हैं, उन्हें भी भेजा है। अधिकारियों के साथ-साथ 600 पुलिसकर्मियों की फोर्स भेजी गई है।