उदयपुर में खाप पंचायत का तुगलकी फरमान
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उदयपुर जिले की ओगणा पंचायत समिति के वीरपुरा गांव में खाप पंचायत का एक चौंकाने वाला और गैरकानूनी फरमान सामने आया है। पंचायत ने ढोल बजाकर एक परिवार को समाज से बाहर कर दिया और उसका हुक्का-पानी बंद कर दिया। इतना ही नहीं, गांव के लोगों को पीड़ित परिवार से किसी भी तरह का संपर्क रखने पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई है।
खाप पंचायत के फैसले के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति समाज से निकाले गए परिवार से बातचीत करता है या उनकी किराना दुकान से सामान खरीदता है, तो उस पर 5100 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, परिवार की किसी भी तरह से मदद करने या सहयोग देने वालों पर 11 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
गोचर भूमि पर कब्जे का आरोप
पीड़ित रतनलाल पटेल ने बताया कि वे गांव में किराना दुकान चलाते हैं और ठेकेदारी का काम भी करते हैं। उन्होंने गांव के ही दिनेश जैन के साथ मिलकर एक बाउंड्रीवॉल का निर्माण शुरू किया था। इस पर कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह काम गोचर भूमि पर अवैध कब्जे के लिए किया जा रहा है।
रतनलाल का कहना है कि विरोध होने के बाद उन्होंने तुरंत बाउंड्रीवॉल का काम बंद कर दिया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने ढोल बजाकर खाप पंचायत बुलाई और उन्हें समाज से बाहर करने का फैसला सुना दिया।
थाने में शिकायत, लेकिन कार्रवाई नहीं
यह पूरी घटना 24 दिसंबर की है। पीड़ित परिवार ने 26 दिसंबर को ओगणा थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन 6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर रतनलाल पटेल ने शुक्रवार को कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर खाप पंचायत के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
डर के साए में जी रहा परिवार
खाप पंचायत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार दहशत में है। रतनलाल का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। डर के कारण वे, उनकी पत्नी और उनका 22 वर्षीय बेटा घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।