27 मार्च को अलवर से प्रदेश में दाखिल हुआ अमर उजाला का चुनावी रथ आज मतदाताओं के विचार जानने के लिए उदयपुर में है। चाय पर चर्चा के बाद हमारी टीम दिन में युवाओं से चुनावों को लेकर उनके विचार जानने के लिए उनके बीच पहुंची। इसके बाद शाम को चर्चा होगी राजनीतिक पार्टियों से जुड़े नेताओं के साथ। जानिये क्या है युवाओं, खासतौर पर पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं के विचार
पढ़ाई में खत्म हो आरक्षण
पहली बार वोट डालने वाली सरिता चौधरी का कहना है कि पार्टियां चुनावी में केवल वादे ही करती हैं। बेहतर होगा कि चुनावी वादों को पूरा किया जाए। दिव्या काबरा कहती हैं कि भाजपा ने देश के विकास में अच्छा-खासा योगदान दिया है लेकिन शिक्षा के मामले में अब भी काम किया जाना बाकी है। बड़े कोर्सेस में एडमिशन के लिए आरक्षण के कारण सामान्य वर्ग के छात्रों को लाभ नहीं मिल पाता है, इस दिशा में काम किए जाने की जरूरत है। महिला सुरक्षा की दृष्टि से उदयपुर काफी सेफ है।
वादे पूरा करने वालों को ही देंगे वोट
जर्नलिज्म और मास कॉम की स्टूडेंट अंजलि शर्मा का कहना है कि भाजपा ने हालांकि रोजगार के लिए नए साधन उपलब्ध कराए हैं लेकिन अभी और काम किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि सभी को इक्वल अपॉर्च्यूनिटी मिलनी चाहिए। उदयपुर में पढ़ाई कर रही तस्नीम का कहना है कि यहां कॉलेजों की कमी है। उन्होंने कहा कि वादों पर कायम रहने वाली पार्टी को ही वोट डालना पसंद करेंगी।
रोजगार के अवसर बढ़ें
फर्स्ट टाइम वोटर पीयूष का कहना है कि सरकार को रोजगार के अवसर बढ़ाने की तरफ ध्यान देना चाहिए। महिला आरक्षण बिल को लेकर युवा छात्राओं का कहना है कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से देश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और उन्हें ज्यादा से ज्यादा अवसर उपलब्ध होंगे।