उदयपुर की सज्जनगढ़ सेंचुरी में पिछले चार दिन से धधक रही आग पांचवें दिन कुछ हद तक शांत रही। बीती रात बेड़वास इलाके में जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल के पीछे पहाड़ों ने अचानक आग पकड़ ली। ज़ब अग्निश्मन की सभी टीमें सज्जनगढ़ की पहाड़ियों पर आग बुझाने में जुटी थी तभी देबारी रोड से अचानक पहाड़ियों पर आग सुलगने की सूचना आई। इस सूचना पर अग्निशमन की एक टीम बेड़वास के लिए रवाना हुई और धधकती पहाड़ियों पर ऑपरेशन शुरू किया। हालांकि यहां आग इतनी ज्यादा नहीं थी, इसलिए करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया।
बता दें कि उदयपुर में पांच दिन पहले मंगलवार को उभयेश्वर मंदिर मार्ग पर सज्जनगढ़ की पहाड़ियों में आग लगी थी, जो धीरे-धीरे विकराल होती रही। ऐसे में उदयपुर जिला कलेक्टर और एसपी ने मौके पर पहुंच कर लोगों से मकान तक खाली करवाए थे। उसके अगले दिन हवा के रुख के साथ आग ने दिशा बदल ली और बायो पार्क की तरह बढ़ने लगी। इस पर काबू पाने के लिए उदयपुर वन विभाग के साथ पूरा जिला प्रशासन लगा हुआ था, फायर ब्रिगेड ने भी करीब 300 से ज्यादा फेरे किये थे। वन विभाग के अधिकारियों का दावा था कि उन्होंने वन्य जीवों को सुरक्षित कर लिया है। पिछले पांच दिन से चल रहे ऑपरेशन के बाद कुछ वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया था कि चौथे दिन चले रेस्क्यू के बाद आग थमने की पूरी संभावना है।
बेड़वास पहाड़ियों में भी आग
पांचवें दिन सज्जनगढ़ की पहाड़ियों पर धधकती आग से तो राहत मिली लेकिन इधर बेड़वास में पहाड़ियों में लगी आग ने फिर से सबके होश उड़ा दिए थे। गनीमत रही कि आग ज्यादा नहीं फैली और कुछ ही घंटों के ऑपरेशन के बाद उस पर काबू पा लिया गया।
कलेक्टर ने टीम को सराहा
उदयपुर में चल रहे ऑपरेशन के दौरान डीएफओ सुनील कुमार सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी, अग्निशमन अधिकारी शिवराम मीणा मौजूद रहे। इसी के साथ 14 दमकल की गाड़ियां उदयपुर से और 1-1 नाथद्वारा और चित्तौड़गढ़ से भी मंगवानी पड़ी। ख़ास बात यह है कि पांच दिन के ऑपरेशन में उदयपुर की टीमों ने सामूहिक रूप से अच्छा काम किया, जिससे सफलता मिली। उदयपुर कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों की प्रसंशा भी की और कहा कि सेना के हेलीकाप्टर की जरूरत पड़ती तो उसे भी मंगवाते फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और टीमों ने अच्छा काम किया है।