डॉ. गिरिजा व्यास
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कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर गिरिजा व्यास की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अहमदाबाद के जायडस अस्पताल में उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें अभी भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करना पड़ रहा है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने कहा है कि अब दवा के साथ-साथ दुआ की भी जरूरत है।
परिजनों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। उनके भाई गोपाल शर्मा ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और उन्हें सबसे अच्छा उपचार दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन भी उनकी स्थिति पर लगातार अपडेट दे रहा है, लेकिन अब तक कोई राहत भरी खबर नहीं आई है।
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आपको बता दें कि गणगौर पर्व के अवसर पर घर में पूजा के दौरान हादसा हुआ था, जिसमें डॉक्टर गिरिजा व्यास बुरी तरह झुलस गईं। आरती के बाद अचानक उनके दुपट्टे ने आग पकड़ ली, जिससे उनका शरीर 90% तक जल गया। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने उन्हें उदयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अहमदाबाद रेफर कर दिया।
चिकित्सकों का कहना है कि इतनी अधिक जलन के कारण उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। झुलसनेt के कारण उनके शरीर के कई अंगों पर गहरा असर पड़ा है, जिससे रिकवरी में समय लग सकता है। फिलहाल डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनका इलाज कर रही है और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।
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गिरिजा व्यास कांग्रेस की एक जानी-मानी नेता रही हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उनकी गंभीर हालत की खबर सुनकर उनके समर्थक और शुभचिंतक चिंतित हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रार्थनाओं का सिलसिला जारी है।
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इस हादसे के बाद प्रदेशभर में चिंता का माहौल है, क्योंकि गिरिजा व्यास के राजनैतिक करियर के दौरान उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनकी स्थिति को देखते हुए पूरे देशभर से उनके लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं। डॉक्टरों और परिवारजनों की उम्मीदें बनी हुई हैं कि जल्द ही वे इस मुश्किल घड़ी से बाहर आ जाएं और स्वस्थ होकर वापस लौटें।