उदयपुर में कॉन्स्टेबल ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
- फोटो : Amar Ujala
उदयपुर जिले के ओगणा थाना क्षेत्र में तैनात 28 वर्षीय पुलिस कॉन्स्टेबल ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का खुलासा तब हुआ, जब पूरे दिन कॉल करने के बावजूद कॉन्स्टेबल ने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद थाना स्टाफ उनके कमरे पर पहुंचा, जहां दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से झांककर देखा गया तो कॉन्स्टेबल का शव फंदे से लटका हुआ था।
पांच वर्षों से ओगणा थाने में तैनात था पुलिसकर्मी
मृतक की पहचान मनोज कुमार मीणा (28) निवासी सरेरा गांव नयागांव क्षेत्र के रूप में हुई है। वह पिछले करीब पांच वर्षों से ओगणा थाने में तैनात थे और मुख्य बाजार स्थित एक किराए के कमरे में अकेले रहते थे। उनकी करीब दो महीने पहले ही शादी हुई थी, जबकि उनकी पत्नी गांव में रहती हैं। ओगणा थाने के एएसआई नारायण लाल के अनुसार, शनिवार को मनोज कुमार ने तबीयत खराब होने की जानकारी देते हुए आराम मांगा था। उन्हें नाइट ड्यूटी से अवकाश दे दिया गया। बाद में एक साथी पुलिसकर्मी ने उनकी तबीयत जानने और ड्यूटी के संबंध में फोन किया तो उन्होंने स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की बात कही।
फंदे पर लटका मिला शव
इसके बाद कई बार फोन करने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो दो पुलिसकर्मी उनके कमरे पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था और काफी आवाज लगाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी सहित पुलिस जाब्ता भी मौके पर पहुंच गया। खिड़की से देखने पर मनोज कुमार का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा गया और पोस्टमॉर्टम के लिए झाड़ोल अस्पताल की मॉर्च्यूरी में भिजवाया गया।
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जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार की पिछले करीब एक सप्ताह से उदयपुर शहर में आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा और भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में ड्यूटी लगी हुई थी। दो दिन पहले ही वह वापस ओगणा थाने लौटे थे। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस आत्महत्या के कारणों की हर पहलू से जांच कर रही है।