बहुचर्चित 'उदयपुर फाइल्स' वीडियो ब्लैकमेलिंग मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी विशाल गुर्जर को सात महीने बाद जमानत दे दी है। भाजपा की एक स्थानीय महिला पदाधिकारी के आरोपों के आधार पर आरोपी पिछले सात महीने से जेल में बंद था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद उसकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
दलील: आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि पुलिस की ओर से जब्त डिजिटल सामग्री और सीडी में किसी भी तरह के आपत्तिजनक वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में भी पीड़िता के दावों से जुड़ी कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि पुलिस मामले की जांच पूरी कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। ऐसे में आरोपी को लगातार हिरासत में रखने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता है।
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11 फरवरी को दर्ज हुई थी एफआईआर
धोखाधड़ी के मामले में भी मिल चुकी है राहत