मेहनत से मुश्किलों को मात दिया जा सकता है यह साबित किया राजस्थान बोर्ड में 12वीं कॉमर्स की टॉपर पारूल गहलोत ने।
आर्थिक रूप से सक्षम न होने के बावजूद भी सेल्फ स्टडी से पारूल ने परीक्षा में टॉप कर सफलता हासिल की। पारूल 94.6 प्रतिशत अंकों के साथ बोर्ड परीक्षा में सबसे अव्वल रही हैं।
पारूल जयपुर की रहने वाली हैं और मोती डूंगरी स्थित गीता बजाज बाल मंदिर में पढ़ती हैं।
पारूल के पिता की दर्जी की एक छोटी सी दुकान है। उनकी मां गृहणी हैं। पारूल के माता-पिता पूरे जतन से अपनी तीनों बेटियों को पढ़ा रहे हैं।
मंगलवार सुबह जब पारुल के परिवार को इसका पता चला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
सपना आरबीआई गवर्नर बनना
मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाली पारूल का सपना है कि उनके साइन नोट पर हों। वह आरबीआई गवर्नर बनना चाहती हैं।
कई घंटों की सेल्फ स्टडी
पारुल का कहना है कि उन्होंने थ्योरी से ज्यादा प्रेक्टिकल पंसद होने के कारण कॉमर्स चुना था। इस परीक्षा के लिए वह रोजाना छह घंटे से अधिक सेल्फ स्टडी करती थीं।
समझा मुख्यमंत्री की बेटी
परिणाम की घोषणा के समय वरियता सूची में पहले स्थान पर अशोक गहलोत की बेटी पारूल गहलोत के नाम लिया गया तो सभी चौंक गए।
पारुल के पिता एक आम नागरिक हैं। राज्य के मुख्यमंत्री और उनका नाम एक जैसा होने से लोग हैरान हो गए थे। लोग पारूल को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बेटी समझ बैठे।
अन्य टॉपर
पारुल जितने ही अंकों के साथ नागौर के मुकेश जांगीड़ ने भी पहला स्थान हासिल किया।
पारूल और मुकेश ने अघिकतम 500 अंकों में से 473 अंक प्राप्त किए हैं। वरियता सूची में दूसरे स्थान पर रतनगढ़(चूरू) की तृप्ता शर्मा ने बाजी मारी। उन्हें 93.6 फीसदी अंक मिले।