कांग्रेस के दिग्गज नेता और टोंक विधायक सचिन पायलट ने एक बार फिर प्रदेश की सियासत में गरमाहट ला दी है। गुरुवार शाम टोंक में विधायक कोटे से बने सभा भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे पायलट ने राज्य सरकार और केंद्रीय सत्ता पर तीखे सवाल दागे। खासकर खाद-बीज घोटाले को लेकर पायलट ने मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के छापेमारी अभियान पर करारा तंज कसते हुए कहा कि ये छापे चोर बजारियों पर पड़ रहे हैं या फिर अपने ही साथ काम करने वालों को एक्सपोज किया जा रहा है, यह अभी तक साफ नहीं है।
पायलट ने कहा कि राज्य में मंत्री खुद छापे मार रहे हैं और उनकी कार्रवाई से सत्ता के और भी बड़े केंद्र विचलित हो रहे हैं। यह सब देखकर लगता है कि मामला सिर्फ मिलावट और कालाबाजारी का नहीं, बल्कि सत्ता के भीतर के खेल का है। उन्होंने कहा कि खाद-बीज घोटाले जैसी बड़ी साजिशें बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं हैं। इतने बड़े स्तर पर मिलावट, जमाखोरी, कालाबाजारी किसी के आशीर्वाद के बिना कैसे हो सकती है? यदि सरकार वाकई में सख्त है तो केवल दिखावटी कार्रवाई नहीं, असली मास्टर माइंड को पकड़कर जेल भेजे। पायलट ने मांग की कि ऐसे मामलों में केवल छोटों पर कार्रवाई करने की बजाय असली गुनहगारों को भी बेनकाब किया जाए।
ये भी पढ़ें: Rajasthan News: सरकारी अफसर ही बना पेपर लीक का सौदागर, एसओजी ने कार्रवाई कर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया
गुर्जर महापंचायत पर भी बोले पायलट
पीलूपुरा में होने वाली गुर्जर महापंचायत पर पायलट ने कहा कि अगर संविधान में दिए गए अधिकारों और गजट नोटिफिकेशन का पालन नहीं होता तो जनता को सवाल पूछने का पूरा हक है। उन्होंने केंद्र सरकार को भी इस मामले में चेताया और कहा कि यदि सामाजिक न्याय की बातें सिर्फ कागजों तक सीमित रहीं तो समाज आंदोलन करेगा।