जिले के नगरफोर्ट में रविवार को विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीना की रिहाई और अन्य मांगें पूरी नहीं हुईं तो जयपुर में महापड़ाव डाला जाएगा।
यह महापंचायत 13 नवंबर को समरावता गांव में मतदान के दौरान हुई घटना के विरोध में आयोजित की गई थी। उस दिन निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीना पर एरिया मजिस्ट्रेट अमित चौधरी को थप्पड़ मारने, पुलिसकर्मियों से मारपीट, आगजनी और उपद्रव का आरोप लगा था। 14 नवंबर को उनकी गिरफ्तारी के बाद से यह मामला तूल पकड़ चुका है।
इस महापंचायत के दौरान पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, करणी सेना अध्यक्ष महिपाल मकराना और अन्य कई बड़े नेताओं ने इस मामले में सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
प्रहलाद गुंजल ने मंच से अपने भाषण में कहा, "यह हमारी दूसरी महापंचायत है। सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि मांगें पूरी नहीं होतीं तो जयपुर में महापड़ाव होगा और यह आंदोलन आर-पार की लड़ाई में बदलेगा।"
प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा सरकार और किरोड़ीलाल मीना पर निशाना साधते हुए कहा, "जब तक सचिवालय का घेराव नहीं होगा, तब तक सरकार की नींद नहीं टूटेगी।"
करणी सेना प्रमुख महिपाल मकराना ने मंच से घोषणा की कि "करणी सेना का हर सैनिक नरेश मीना के साथ है। हम सरकार की ईंट से ईंट बजाने का काम करेंगे। उन्होंने महापंचायत में मौजूद लोगों से कहा कि जयपुर कूच से पहले हमें बताएं, करणी सेना का पूरा समर्थन रहेगा।
महापंचायत में मुस्लिम समाज के नेता मोहसीन रसीद ने भी नरेश मीना के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पूरे राजस्थान का मुस्लिम समाज मीना समाज के साथ खड़ा है और इस आंदोलन को पूरा सहयोग देगा।
महापंचायत में यह तय किया गया कि 10 दिन बाद जयपुर में महापड़ाव डाला जाएगा। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, आंदोलन जारी रहेगा। इस महापंचायत में राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई दिग्गज नेता, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।