Tonk: जिले में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र से नौकरी पाने वाले दो ग्राम विकास अधिकारियों को सरकार ने बर्खास्त कर दिया। जांच में दोनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। जिसके बाज प्रशासन ने फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिया है।
राजस्थान के टोंक जिले में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो ग्राम विकास अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही दोनों अधिकारियों से नौकरी के दौरान प्राप्त सैलरी और भत्तों की वसूली का आदेश भी दिया गया है।
विज्ञापन
जांच और बर्खास्तगी
जिला परिषद को इस मामले की शिकायत मिलने के बाद तुरंत जांच शुरू की गई। जांच के दौरान अजमेर और जयपुर मेडिकल बोर्ड से दोनों अधिकारियों की दिव्यांगता का परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में उनके फर्जी प्रमाण पत्र की पुष्टि होने के बाद मालपुरा पंचायत समिति के विजय चौधरी और टोंक पंचायत समिति के शाहरुख खान को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई
प्रशासन ने केवल अधिकारियों को ही बर्खास्त नहीं किया, बल्कि उन डॉक्टरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, जिन्होंने फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए थे। सरकारी की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। यह घटना फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी पदों पर नौकरी पाने की कोशिशों के खिलाफ एक सख्त चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।