जिले के बरोनी थाना इलाके में हुई गौकशी की घटना के बाद गौसेवकों और भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। आज भाजयुमो जिलाध्यक्ष नरेंद्र जयसिंहपुरा के नेतृत्व में सैकड़ों गौसेवकों ने घंटाघर चौराहे पर प्रदर्शन किया और आरोपियों को फांसी देने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने टोंक जिले में गौ तस्करी के लिए कुख्यात इलाकों को चिन्हित कर एसआईटी टीम बनाकर छापेमारी करने की मांग की। इसके साथ ही गौसेवकों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक संयुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का प्रस्ताव रखा।
घंटाघर चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान गौसेवकों ने जमकर नारेबाजी की और टायर जलाकर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजेन्द्र सिंह भाटी और टोंक एसडीएम हुकमीचंद दुलानिया ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों पर लिखित सहमति दी, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष नरेंद्र जयसिंहपुरा ने कांग्रेस सरकार के दौरान गौसेवकों और भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "गौ तस्करों और गौ हत्यारों पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। उल्टा गौसेवकों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिन्हें अभी तक वापस नहीं लिया गया। पुलिस और प्रशासन से हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो अगली बार 20,000 लोगों के साथ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।"
उन्होंने बरोनी थानाधिकारी पर बजरी माफियाओं और गौ तस्करों से मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि हमने गौ हत्या की सूचना देने के लिए फोन किया, लेकिन थानाधिकारी ने हमारा फोन नहीं उठाया। जबकि बजरी माफियाओं की मदद के लिए वे हमेशा तैयार रहते हैं।
मामले में टोंक एसडीएम हुकमीचंद दुलानिया ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि गौ तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी मांगों को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद कार्रवाई न होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।