कई नेता हो सकते हैं शामिल
नगर फोर्ट में होने वाली इस महापंचायत को लेकर कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने लोगों से महापंचायत में शामिल होने की अपील की है। नरेश मीणा के खास समर्थक और टोंक जिला सरपंच अध्यक्ष मुकेश मीणा ने भी महापंचायत को सफल बनाने में पूरी ताकत झोंक दी है। मुकेश मीणा का कहना है कि महापंचायत में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास, अशोक चांदना, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनारायण मीणा, बामनवास विधायक इंदिरा मीणा समेत कई अन्य बड़े नेता भी भाग लेंगे।
अब जानिए क्या है थप्पड़ कांड?
13 नवंबर को देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए हो रहे मतदान के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को समरावता गांव में थप्पड़ मार दिया था। मीणा का आरोप था कि चौधरी जबरन वोट डलवा रहे थे। ईवीएम पर उनका चुनाव चिन्ह स्पष्ट नहीं था, जिससे उनके समर्थक मतदाता परेशान हो रहे थे। इन्हीं सब बातों को लेकर नरेश मीणा और एसडीएम अमित चौधरी में कहासुनी हो गई। इस बीच नरेश मीणा इतना बौखला गए कि उन्होंने एरिया मजिस्ट्रेट और मालपुरा उपखंड अधिकारी (एसडीएम) अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया।
मतदान के बाद भड़का बवाल
शाम पांच बजे मतदान समाप्त हुआ तो पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। इससे उनके समर्थक भड़क गए और गांव में पथराव कर वाहनों में आगजनी कर दी थी। देखते ही देखते लोगों की भीड़ बेकाबू हो गई, कई पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। पथराव में कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए। लोगों की भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने भी बल प्रयोग किया। पुलिस ने करीब 40 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। वहीं, बवाल के बाद फरार हुए नरेश मीणा अगले दिन 14 नवंबर को समरावता गांव पहुंचे और मीडिया के सामने अपनी बात रखी। इस दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से नरेश मीणा जेल में हैं, उनकी जमानत अर्जी तीन बार खारिज हो चुकी है। ऐसे में मीणा की रिहाई को लेकर ही यह पंचायत बुलाई गई है। जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
कौन हैं नरेश मीणा?
नरेश मीणा बारां जिले के छबड़ा के रहने वाले हैं। उन्हें कांग्रेस नेता सचिन पायलट का समर्थक माना जाता है। राजस्थान की देवली उनियारा सीट पर हुए उपचुनाव में नरेश मीणा कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे। टिकट नहीं मिलने पर वह बागी हो गए थे और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। कांग्रेस ने मीणा से नामांकन वापस लेने को कहा, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
कौन हैं SDM अमित चौधरी जिन्हें पडा थप्पड़
अमित चौधरी राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के साल 2019 बैच के अधिकारी हैं। वह टोंक जिले के मालपुरा में एसडीएम हैं। अमित का जन्म 14 मई 1992 को हुआ है, वे मूलरूप से अलवर के रहने वाले हैं। मालपुरा टोंक में एसडीएम बनने से पहले वे झालावाड़ के मनोहरपुरा थाना, डूंगरपुर के चिकली, हिंडोली बूंदी, आसवार झालावाड़ और नागौर में भी एसडीएम रह चुके हैं।