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Naresh Meena Profile: SDM को तमाचा जड़ने वाला नरेश मीणा कौन? 23 केस, सात में होनी है गिरफ्तारी, जानिए कहानी

Thu, 14 Nov 2024 03:56 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Naresh Meena Profile: एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले देवली-उनियारा के निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मीणा पर 23 केस दर्ज हैं। उसके पिता तीस साल गांव के सरपंच रहे हैं। मीणा का पूरा परिवार ही राजनीति से जुड़ा हुआ है।  
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कौन है थप्पड़बाज नरेश मीणा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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थप्पड़बाज नरेश मीणा के कांड ने राजस्थान के टोंक जिले में हलचल मचा दी है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से जिले की देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र और समरावता गांव में तनाव का माहौल है। उसके समर्थक चक्काजान और आगजनी कर रहे हैं। इससे पहले बुधवार रात को भी ऐसे ही हालत बने थे। उन्होंने 100 से ज्यादा कार, बाइक और जीपों में आग लगा दी थी। घटना से गांव वालों में डर का माहौल है। उनका कहना है कि पुलिस वाले उनके परिवार के युवाओं को हिरासत में ले लिया है, जबकि हमारा कोई कसूर नहीं है। यह सब हुआ देवली-उनियारा विधानसभा के प्रत्याशी नरेश मीणा के कारण, जिसने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया। नरेश मीणा का आरोप था कि अधिकारी जबरन मतदान करवा रहे हैं। आइए, अब जानते हैं नरेश मीणा के बारे में?

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कौन है नरेश मीणा जिसने एसडीएम को मारा थप्पड़?
नरेश मीणा देवली-उनियारा विधानसभा का निर्दलीय प्रत्याशी है और कांग्रेस का बागी नेता है। वह मूल रूप से बारां जिले के नयागांव का रहने वाला है। नरेश मीणा का पूरा परिवार राजनीति से जुड़ा हुआ है। उसके पिता कल्याण सिंह मीना 30 साल तक अपने गांव के सरपंच रहे, अभी उसकी मां सरपंच हैं। नरेश की पत्नी सुनीता जिला परिषद सदस्य हैं और छोटे भाई की पत्नी पंचायत समिति सदस्य हैं। छात्र जीवन में नरेश राजस्थान विश्वविद्यालय का महासचिव रह चुके हैं। 

नरेश मीणा का पायलट और कांग्रेस से क्या नाता
नरेश मीणा कांग्रेस नेता सचिन पायलट के समर्थक हैं और वह उनके जैसा ही बनने चाहते हैं। वे पायलट को अपना बड़ा भाई मानते हैं। नरेश मीणा कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर वे पार्टी से कई बार बगावत भी कर चुके हैं। इस बार भी वे कांग्रेस से बगावत कर ही चुनाव मैदान में उतरे हैं।  
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कांग्रेस से टिकट मांगा, लेकिन नहीं मिला
  • नरेश मीणा लंबे समय से कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं, लेकिन पार्टी उनके दावे को नजरअंदाज करती आ रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव में नरेश मीणा ने कांग्रेस से बारां जिले की छबड़ा छीपाबड़ौद सीट से टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने यहां से किसी और को उम्मीदवार बनाया। जिसके बाद नरेश मीणा बागी हो गए और निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए। हालांकि, वे करीब 44 हजार वोट से हार गए। इससे पहले कांग्रेस ने उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए काफी मनाया था, नहीं मानने पर नरेश को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।  
  • लोकसभा चुनाव 2024 से पहले नरेश मीणा की कांग्रेस में वापसी हुई। कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना और अन्य सदस्यों ने मीणा की वापसी का प्रस्ताव आलाकमान को भेजा जिसे स्वीकार कर लिया गया। पार्टी में वापसी के बाद मीणा ने दौसा सीट से टिकट के लिए दावा ठोंक दिया। लेकिन, एक बार फिर टिकट नहीं मिलने पर नरेश मीणा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। हलांकि, नेताओं के मनाने पर वे मान गए और नाम वापस ले लिया। 
  • राजस्थान उपचुनाव 2024 के लिए नरेश मीणा ने देवली उनियारा से टिकट मांगा। लेकिन, एक बार फिर पार्टी ने उनकी मांग को नजर अंदाज कर दिया। इसके बाद मीणा ने निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे। 13 नवंबर को मतदान के दिन किसी बार पर एसडीएम अमित चौधरी और नरेश मीणा में कहासुनी हुई, जिसके बादा नरेश ने अमित को थप्पड़ मार दिया। 
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