टोंक में जल संरक्षण और ईसरदा बांध निर्माण की प्रगति पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कलेक्टर टीना डाबी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए जल संचयन और पेयजल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया।
टोंक जिले में जल संरक्षण के प्रयासों और ईसरदा बांध के निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने टोंक जिला प्रशासन के कामकाज की सराहना की है। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जल संचयन कार्यों की प्रगति पर संतोष जताया। साथ ही, जिला कलेक्टर टीना डाबी के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने जल संचयन और पेयजल परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक के बाद मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि टोंक जिले में जल संचय जन अभियान, पीएचईडी की परियोजनाओं और ईसरदा बांध निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया है। जिले के 170 गांवों में 'जल अर्पण' कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। अभियान के तहत 15,000 से अधिक कार्य किए जा रहे हैं। वहीं, ईसरदा बांध का निर्माण भी सही गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्य सचिव ने इन प्रयासों को सराहनीय बताया।
कलेक्टर टीना डाबी ने जताया आभार
मुख्य सचिव से मिली सराहना और प्रोत्साहन पर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी पोस्ट में मार्गदर्शन और कीमती समय देने के लिए मुख्य सचिव का धन्यवाद किया। टीना डाबी ने भरोसा दिलाया कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जिला प्रशासन पूरी निष्ठा, मुस्तैदी और मेहनत के साथ काम करेगा। जिले में जल स्रोतों के पुनरुद्धार और पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन गंभीरता से प्रयास कर रहा है।
मध्य प्रदेश में जन्मीं टीना डाबी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा-2015 में अखिल भारतीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया था। वर्ष 2016 बैच की राजस्थान कैडर की आईएएस अधिकारी टीना डाबी प्रशासनिक दक्षता और कुशल प्रबंधन के लिए जानी जाती हैं।
टोंक में पदस्थापना से पहले वह जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों में भी जिला कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। इन जिलों में उनके कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की सराहना हुई थी। अब टोंक में जल संचय जन अभियान और ईसरदा बांध परियोजना को गति देने के प्रयासों के चलते वह एक बार फिर चर्चा में हैं।