जवाहर नगर क्षेत्र में पहली मंजिल की बालकनी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुई डेढ़ साल की मासूम बच्ची परी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एमबीएस अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने बच्ची को बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन करीब 48 घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने अंतिम सांस ली। घटना छह अगस्त की दोपहर करीब एक बजे की है, जब बच्ची अपनी मां के पास खेलते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से 14 फीट नीचे जा गिरी।
मां के सामने पलक झपकते ही हुआ दर्दनाक हादसा
मूल रूप से बिहार निवासी जितेंद्र राय जवाहर नगर इलाके में किराए के मकान में परिवार के साथ रहते हैं और मजदूरी का काम करते हैं। घटना वाले दिन सुबह वह काम पर चले गए थे और घर पर उनकी पत्नी व छोटी बेटी परी मौजूद थीं। दोपहर में मां और बेटी पहली मंजिल की बालकनी में खड़ी थीं। इसी दौरान खेल रही परी का पैर फिसल गया। हादसा इतनी तेजी से हुआ कि मां को बच्ची को संभालने का मौका तक नहीं मिला और परी 14 फीट नीचे फर्श पर गिर गई।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसी, अस्पताल ले गए
तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। परिजन और पड़ोसी गंभीर रूप से घायल बच्ची को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत चिंताजनक होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को एमबीएस अस्पताल भेज दिया। शुक्रवार देर शाम इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई।
तीन बहनों में सबसे छोटी थी परी
जितेंद्र राय की तीन बेटियों में परी सबसे छोटी और सबकी दुलारी थी। मासूम की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्ची को बचाने के लिए करीब 48 घंटे तक डॉक्टरों ने उपचार किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
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बिना पोस्टमार्टम परिजनों को सौंपा शव
सूचना मिलते ही जवाहर नगर थाने के हेड कांस्टेबल सुरेश चंद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने परिजनों की लिखित सहमति के बाद बिना पोस्टमार्टम कराए बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया।