राजस्थान में एक परिवार मानसिक रूप से बीमार अपने बच्चे का इलाज कराने में असमर्थ साबित हुए तो उसे बेड़ियों में जकड़ दिया।
जयपुर से करीब 200 किलोमीटर दूर झुंझनू जिले के मदनवा कस्बे के समीप गिदा गांव निवासी पंकज मेघवाल 8 साल तक एक कमरे में बंद रहा। पंकज के पिता भंवरलाल मेघवाल ने इलाज के लिए राज्य सरकार से सहायता की मांग करते हुए यह जानकारी दी।
एक निजी विद्यालय में लिपिक का काम करने वाले भंवर लाल ने कहा, "चार वर्ष की उम्र तक वह एक सामान्य बच्चा था। एक दिन अचानक वह कांपने और चिल्लाने लगा। वह कुछ दिनों तक बीमार रहा और तब से उसने कभी सामान्य व्यवहार नहीं किया।"
उन्होंने यह भी बताया कि, 'शहर के महंगे इलाज का कोई परिणाम नहीं निकलने के बाद हम पंकज को चेन से या रस्सी से बांध कर रखने के लिए मजबूर हो गए।'
उन्होंने बताया कि पंकज अचानक अपने जबड़े भींच लेता है और हिंसात्मक हो जाता है।
भंवरलाल ने कहा, 'यह स्थिति साल दर साल बढ़ती ही चली गई है। वह पत्थर फेंककर हमारे घर के सामने से गुजरने वालों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने लगा।'
उन्होंने कहा, 'गांव वालों ने शिकायत करनी शुरू कर दी। लोगों ने पंकज को काबू में रखने के लिए कहा। वह घर की चीजों को भी फेंकने लगता है। हमारे पास उसे बांध कर रखने के सिवाय और कोई चारा नहीं बचा है।'
उन्होंने स्वीकार किया पंकज को बंधा हुआ देखना अत्यंत दुखदायी है। जब भी अपने आसपास दूसरे बच्चों को खेलते देखते हैं तो हम रो पड़ते हैं।