ग्रामीणों ने थाने के बाहर किया विरोध।
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राजस्थान के नागौर जिले के हंसियास गांव में पांच महीने पहले हुई एक करोड़ की चोरी का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर पाई है। इससे गांव के लोगों में नाराजगी है। शनिवार को ग्रामीणों ने थाने का घेराव पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर, जल्द ही वारदात का खुलासा नहीं किया जाता है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
दरअसल, नागौर जिले के मेड़ता थाना क्षेत्र के हंसियास गांव में पांच महीने पहले 20 अक्टूबर की रात को शिंभूराम पुत्र भंवरूराम जाट के यहां चोरी की वारदात हुई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि 20 अक्टूबर की रात परिवार के सभी लोग खाना खा कर गए थे। सुबह 4 बजे उनकी आंख खुली तो उन्होंने देखा तो घर के ताले टूटे हुए पड़े थे। कमरे से लोहे के चार संदूक गायब थे।
उन संदूकों में उसकी पत्नी, पुत्री और पुत्रवधु जेवरात रखे थे। जिसमें 85 तौला सोना, 2 किलो चांदी और कपास के बिक्री के 7 लाख रुपये नगद थे। इसके अलावा बोलेरो, स्विफ्ट कार, बाइक, स्कूटी के कागजात और खेतों की रजिस्ट्री के कागजात भी उन्हीं संदूक में रखे हुए थे। पीड़ित ने माल सहित करीब एक करोड़ रुपये की चोरी होने का दावा किया था।
पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी, लेकिन 5 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हांथ खाली हैं। पुलिस अब तक चोरों के बारे में कुछ पता नहीं लगा पाई है। शनिवार को मामले को लेकर हंसीयास और मेड़ता रोड के जनप्रतिनिधि मेड़ता थाने पहुंचे और थाना अधिकारी से घटना को लेकर बात की। उन्होंने थाना अधिकारी से कहा कि चोरों को गिरफ्तार कर जल्द मामले का खुलासा किया जाए।
मेड़ता थाना अधिकारी राजपाल सिंह राठौड़ का कहना है कि पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। जल्द ही अज्ञात चोरों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।