भारत पाकिस्तान के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस के ट्रेक पर लावारिस बोलेरो छोड़ जाने के मामले में अलग कहानी सामने आई है। अब तक कयास लगाए जा रहे थे कि यह लापरवाही के चलते या फिर किसी साजिश के तहत इस ट्रेक पर छोड़ी गई है। लेकिन इन सब से परे अलग बदले की कहानी सामने आई है।
बाडमेर जिले की उत्तरलाई के पास मानवरहित रेलवे फाटक पर एक बोलेरो जीप छोड़ दी गई थी। इस ट्रेक पर थार एक्सप्रेस गुजरने वाली थी। बीच ट्रेक पर बोलेरो को देखकर ट्रेन के लोको पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाने पडे़। ऐसे में बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। जब यह वाकया हुआ तो ट्रेन में सवा तीन सौ यात्री मौजूद थे।
पुलिस से मिली जानकारी में सामने आया था कि ये बोलेरो भी चोरी की थी। पड़ताल में सामने आया कि यह बोलेरो एक निजी कम्पनी की थी, जो 17 मार्च को चुराई गई थी। मामले में रावली नाड़ी निवासी राजूराम, रामदेरिया निवासी ओमप्रकाश और रावतसर निवासी भंवरलाल पुलिस ने गिरफ्तार किया। सख्ती से की गई पूछताछ में आरोपियों ने अपनी गुनाह कबूल भी किया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि बोलेरो मालिक का नाम पन्ना लाल जाट है। बोलेरो मालिक और भंवरलाल के बीच किसी बात को लेकर लड़ाई चल रही थी। पन्ना लाल को सबक सीखाने के लिए भंवर लाल ने अपनी साथियों के साथ मिलकर ये साजिश रची और बोलेरो को चुरा कर रेलवे ट्रेक पर छोड़ दिया। वे चाहते थे कि ट्रेन की चपेट में आकर बोलेरो को नुकसान पहुंचे।