उदयपुर में चार साल पहले हुए दुष्कर्म के एक मामले में कोर्ट ने युवक को 10 साल की सजा सुनाई है। दोषी युवक ने शादीशुदा महिला के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। हैरानी बात तो यह है पीड़िता का पति और उसके माता-पिता ही अपने बयान से पलट गए। कोर्ट ने पीड़िता के बयान और सबूत के आधार पर दोषी युवक को सजा सुनाई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चार नवंबर 2018 को एक 24 साल की विवाहिता ने झाड़ोल थाने में केस दर्ज कराया। उसने पुलिस को बताया कि दो नवंबर की रात वह अपने बच्चों के साथ घर में सो रही थी। रात 11 बजे के करीब मणीलाल पुत्र लखमा पारगी निवासी झाड़ोल आया और उसने दरवाजा खोलने को कहा। उसके दरवाजा खोलते ही आरोपी चाकू दिखाते हुए अंदर आया और उसका मुंह दबा दिया। बाद में जान मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी मणीलाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालन पेश किया। मामले में गवाह बना पीड़िता का पति और उसके माता-पिता कोर्ट में अपने बयान से पलट गए। इसके बाद कोर्ट ने पीड़िता सहित अन्य गवाहों और सबूतों के आधार पर आरोपी को दस साल कैद और 25 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई।