फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पतंग के मांझे से कटी लड़की की गर्दन, मौत

Wed, 15 Jan 2014 11:10 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
राजस्थान में मकर संक्रांति के मौके पर उड़ाए जा रहे पतंग की डोर ने मंगलवार को दस वर्षीय बच्ची की जान ले ली।
विज्ञापन


टोंक रोड इलाके में यह घटना उस समय घटी, जब चंचल नाम की बच्ची के गले में एक पतंग की तेज धार वाली डोर जा उलझी।

चंचल को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक बच्ची अपने माता-पिता और भाई के साथ अपने एक रिश्तेदार के यहां जा रही थी। बरकत नगर और महेज नगर के बीच टोंक रोड पर गर्दन पर मांझा फंसने के कारण चंचल की मौत हो गई।

अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक चंचल को जब तक अस्पताल लेकर आया गया उसका काफी खून बह चुका था। लड़की के गले की नसें बुरी तरह से कट गई थीं जिस वजह से बहुत सारा खून बह गया था। डॉक्टरों के मुताबिक चंचल की मौत की मुख्य वजह खून का ज्यादा बह जाना था।
विज्ञापन


पिता के मुताबिक चंचल को उड़ती हुई पतंगे देखनी थी इसलिए वह बाइक पर सामने की सीट पर बैठी हुई थी। चंचल के पिता के अनुसार उन्हें पता ही नहीं चल पाया कि मांझा कब चंचल के गले में आकर उलझ गया।
विज्ञापन


इस पूरे मामले पर स्थानीय पुलिस का कहना है कि संक्रांति से पहले बहुत सारे कैंपेन चलाए गए जिससे मेटल और कांच के मांझे के इस्तेमाल को रोका जा सके। लेकिन इसके बावजूद कई लोगों के घायल होने और कई सैकड़ों पक्षियों की मौत की खबरें मिलती रहीं।

स्थानीय भाषा में मंझा कहे जाने वाले पतंग की डोर पर शीशे की परत चढ़ाई जाती है। ताकि उड़ाने के दौरान दूसरी पतंगों को काटा जा सके।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें