पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा के मासिक वसूली प्रकरण के सामने आने के बाद अजमेर पुलिस में फेरबदल शुरु हो चुका है। थानेदारों के बाद अब कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक रामदेव सिंह ने मंगलवार को जिला स्पेशल टीम को भंग कर दिया है। टीम के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। यह टीम अब तक सीधे पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में काम कर रही थी।
इस कार्रवाई के आदेश पुलिस महानिरीक्षक (अजमेर रेंज) अनिल पालवाल द्वारा दिये गये थे। इस स्पेशल टीम के प्रभारी लाखन मीणा को जस का तस ही रखा गया है। एससीबी भीलवाड़ा की स्पेशल विंग में तैनात एएसपी अर्जुनसिंह राजपुरोहित को इस प्रकरण में जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
टीम भंग करने के अतिरिक्त सिविल में काम करने वाली निलंबित एसपी मीणा की स्पेशल टीम के सदस्य अब अगले आदेश तक वर्दी पहनकर पुलिस लाइन में सामान्य पुलिसकर्मी की तरह ड्यूटी देंगे। गौरतलब है कि निलम्बित एसपी मीणा ने छह माह पहले स्पेशल टीम को अलवर गेट एसएचओ लाखन सिंह के अधीन किया था।
इसके अलावा मासिक वसूली मामले में नाम आने के बाद 12 एसएचओ को लाइन हाजिर किया गया था। अभी तक 11 एसएचओ लाइन नहीं पहुंचे हैं। केवल एक एसएचओ ने मंगलवार शाम पुलिस लाइन में आमद कराई और वह भी अवकाश पर चला गया।