राजस्थान के शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ के एक बयान ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है।
उन्होंने कहा है कि राज्य में हजारों स्कूल ऐसे हैं, जहां बच्चों की संख्या ना के बराबर है, वहां शिक्षक अखबार पढ़कर और गपशप लड़ाकर मोटी तनख्वाह ले रहे हैं।
सरकारी शिक्षकों की तनख्वाह प्राइवेट की तुलना में तीन गुना ज्यादा है लेकिन रिजल्ट देखें तो शिक्षकों का योगदान नजर नहीं आता। शिक्षा मंत्री सराफ ने सांस्कृ तिक प्रवाह पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए ये बात कही।
सराफ ने चेताया है कि अब ऐसा नहीं चलेगा, स्कूलों के एकीकरण के बाद तस्वीर बदलेगी। एकीकरण सहित शिक्षा विभाग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं बजट में हो सकती है।
शिक्षा मंत्री का कहना है कि इस शैक्षणिक सत्र में किए जाने वाले तबादलों के लिए विधानसभा सत्र के बाद नीति बनाई जाएगी। तबादला नीति से पहले राजनीति पीडितों को न्याय दिलाने के लिए सीमित संख्या में ट्रांसफर राजनीतिक अप्रोच से होंगे। बाकी तबादले नीति के आधार पर होंगे।
शिक्षा विभाग में एकीकरण के बाद प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक मॉडल स्कूल जैसी व्यवस्था हो जाएगी। अब शिक्षकों को परिणाम के प्रति जिम्मेदार बनाया जाएगा।