भरतपुर जिले के नगर विधायक वाजिब अली के खिलाफ एक युवक को सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना भारी पड़ गया। पोस्ट डालने के बाद युवक को पुलिस ने शांति भांग की धारा 151 में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस युवक के घर में तलाशी के लिए गई और उसके घर का सामान तोड़ डाला। अब युवक के परिजन इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
घटना सीकरी थाना इलाके के सुकेती गांव की है। यहां का रहने वाले शौकत एक प्राइवेट स्कूल में टीचर है। उसने कांग्रेस विधायक वाजिब अली के खिलाफ फेसबुक पर 15 जून को एक पोस्ट शेयर की थी। उसमें लिखा था कि "अशोक गहलोत तुझसे बैर नहीं मगर वाजिब अली तेरी खैर नहीं"
पीड़ित युवक का आरोप है कि वह अपनी पत्नी को लेकर बाइक से अलवर से अपने गांव आ रहा था। तभी गुलपाड़ा चौकी पर पुलिस वालों ने उसे किसी नाकाबंदी के दौरान पकड़ लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया। शौकत का आरोप है कि कुछ दिनों पहले कई पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और तलाशी के नाम पर उसके घर में रखे सामान के साथ तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने उसे झूठे केस में फंसाकर गिरफ्तार करने की धमकी दी है। आज पीड़ित युवक के परिजन जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा है।
ये है मामला
पीड़ित युवक शौकत ने बताया कि पिछले महीने हमारे पड़ोसी गांव बनैनी में एक घर में आग लग गई थी। उसके बाद परिजनों के पास पहनने के लिए कपड़े भी नहीं बचे थे। मैंने स्थानीय विधायक को फोन पर पीड़ित परिजनों को मदद करने के लिए निवेदन किया था। मगर उन्होंने मदद नहीं की, जिसके बाद नाराज होकर मैंने विधायक के खिलाफ फेसबुक पर पोस्ट डाली थी। फेसबुक पोस्ट के बाद बेवजह मुझे गिरफ्तार किया गया और मेरे घर में आकर पुलिसकर्मियों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी थी।
सीकरी थाना प्रभारी का क्या कहना है
सीकरी थाना प्रभारी नरेश शर्मा ने फोन पर बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि शौकत नाम के युवक के घर पर उसका एक रिश्तेदार है, जिस पर एक मामला दर्ज है। उसकी गिरफ्तारी और तलाशी के लिए पुलिस शौकत के घर पहुंची थी और तलाशी ली थी। विधायक के खिलाफ पोस्ट करने और उस पर पुलिस द्वारा बेवजह कार्रवाई करने का आरोप झूठा है।