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RPSC भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: आवेदन की अंतिम तिथि तक जरूरी योग्यता अनिवार्य, मिली बड़ी राहत

Mon, 04 May 2026 09:10 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सुप्रीम कोर्ट ने RPSC भर्ती में स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों के पास आवश्यक योग्यता आवेदन की अंतिम तिथि तक होना जरूरी है। फाइनल ईयर छात्रों को राहत नहीं मिली और हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया गया।

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में उम्मीदवारों के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तक होनी चाहिए, न कि परीक्षा के दिन। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें अंतिम वर्ष के विधि (लॉ) के छात्रों को सहायक लोक अभियोजक (APO) भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।

RPSC की अपील स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति नाथ ने कहा कि यदि यह मान लिया जाए कि उम्मीदवार इंटरव्यू से पहले किसी भी समय योग्यता प्राप्त कर लें तो उन्हें पात्र माना जाए, तो इससे चयन प्रक्रिया में अनिश्चितता आएगी और RPSC पर अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ पड़ेगा, क्योंकि उसे बाद में प्राप्त की गई योग्यताओं को ट्रैक करना पड़ेगा।

पीठ इस मुद्दे पर विचार कर रही थी कि न्यूनतम आवश्यक योग्यता प्राप्त करने की प्रासंगिक तिथि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि है या इंटरव्यू शुरू होने से पहले तक का कोई भी समय। कोर्ट ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट की यह दलील स्वीकार्य नहीं है कि दो संभावित व्याख्याओं में से उम्मीदवारों के पक्ष में व्याख्या को अपनाया जाए।

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पढ़ें:  एसआई भर्ती 2021 पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, चयनित अभ्यर्थियों को नहीं मिली राहत; रद्दीकरण बरकरार

कोर्ट ने कहा कि प्रतियोगिता बढ़ाने या अधिक उम्मीदवारों को मौका देने के आधार पर नियमों की व्याख्या नहीं की जा सकती, जब विज्ञापन की भाषा स्पष्ट और एकमात्र अर्थ देती हो। यह विवाद 7 मार्च 2024 को शुरू हुआ, जब RPSC ने APO के 181 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया। इसके लिए आवश्यक योग्यता एलएलबी (LL.B) डिग्री थी। कई अंतिम वर्ष के विधि छात्र, जिनके पास अभी डिग्री नहीं थी, उन्होंने आवेदन कर दिया। नवंबर 2024 में RPSC ने स्पष्ट किया कि केवल वही उम्मीदवार पात्र होंगे जिनके पास आवेदन की अंतिम तिथि तक डिग्री हो।

RPSC ने चेतावनी दी कि अपात्र उम्मीदवार आवेदन वापस लें, अन्यथा उन्हें अयोग्य घोषित किया जा सकता है और भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। इसके खिलाफ उम्मीदवारों ने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की और कहा कि उन्होंने 22 अगस्त 2024 तक डिग्री प्राप्त कर ली थी, जो जनवरी 2025 में होने वाली प्रारंभिक परीक्षा से पहले की तारीख है। हाई कोर्ट की एकल पीठ और खंडपीठ दोनों ने उम्मीदवारों के पक्ष में फैसला दिया और उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस व्याख्या से असहमति जताते हुए हाई कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया।

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