प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पीएमएलए कानून के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा, 2018 में कानून में किए गए सभी संशोधन सही हैं। शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय के सभी अधिकारों को बरकरार रखा है। इस फैसले से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुश नजर नहीं आए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चिंताजनक बताया।
अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, PMLA एक्ट और ED के अधिकारों पर माननीय उच्चतम न्यायालय का फैसला निराशाजनक व चिंताजनक है। देश में पिछले कुछ साल से तानाशाही का माहौल बना हुआ है। कोई के इस फैसले के बाद केंद्र सरकार द्वारा ED का राजनीतिक इस्तेमाल और अधिक करने की संभावना बढ़ जाएगी।
देश में ईडी का आतंक
इससे पहले सुबह मामले को लेकर अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर हमला बोला था। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले में जल्द फैसला देने के लिए भी अपील की थी। उन्होंने कहा था कि, देश के अंदर ईडी का आतंक है। सुप्रीम कोर्ट में मामले चल रहे हैं। उन पर जल्द से जल्द फैसला होना चाहिए। यह (ईडी) सीआरपीसी का प्रोसेस भी अडॉप्ट नहीं कर रहे हैं। इनका तफ्तीश, अरेस्ट और बयान लेने का अलग ही तरीका है। इन्हें एक प्रकार से सीबीआई से ज्यादा पावर मिली हुई है।
इनकम टैक्स जहां जाता है यह लोग वहां चले जाते हैं। ईडी का उपयोग सरकारें गिराने के लिए किया जाता है। यह महाराष्ट्र में देखा आपने, ईडी सरकारें गिराने का काम तो कर सकती है, पर मंत्रिमंडल बनाने का काम नहीं कर सकती है। 28 दिन से वहां मंत्रिमंडल नहीं बना है, खाली सीएम और डिप्टी सीएम बैठे हुए हैं। यह बताता है कि डेमोक्रेसी किस दिशा में जा रही है। सुप्रीम कोर्ट को आगे आकर ईडी को लेकर जल्द से जल्द फैसला करना चाहिए।