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Success Story: दिन में चाय बेची, रात में गार्ड बने मुकेश को अब मिली सफलता, पढ़ें संघर्ष से भरी यह कहानी

Sun, 18 Sep 2022 05:44 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

Success Story: जोधपुर के मुकेश का सिलेक्शन पीडब्ल्यूडी में जूनियर इंजीनियर के पद पर हो गया है। मुकेश के घर में खुशी का माहौल है, लेकिन अब भी वह अपने पिता के व्यवसाय में हाथ बटाते हैं। अपनी सफलता को लेकर मुकेश कहते हैं कि इसका कोई शॉर्टकट नहीं होता है।
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अपने पिता के साथ मुकेश दाधीच। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Success Story: सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। इसके जरूरी है तो वह है कड़ी मेहनत, लगन और संयम की। जो व्यक्ति यह सब कर जाता है उसे सफलता जरूर मिलती है। यह सच कर दिखाया राजस्थान के जोधपुर जिले के रहने वाले मुकेश ने। चाय टपरी से शुरू हुआ मुकेश का सफर गार्ड की नौकरी से होते अब उनकी मंजिल तक पहुंच गया है। गरीबी और सुविधाओं के आभाव के बाद भी मुकेश ने अपना और अपने माता-पिता का सपना पूरा कर दिया। जिससे मुकेश ही नहीं उनका पूरा परिवार खुश है। आई अब जानते हैं मुकेश की कहानी, जो कहते हैं कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। 

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मुकेश दाधीच जोधपुर के मदेरणा कॉलोनी में रहने वाले हैं। उनके पिता जय प्रकाश दाधीच एक चाय का छोटा सा होटल चलाते हैं। जय प्रकाश घर खर्च चलाने और अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए सुबह से देर शाम तक होटल पर ही रहते थे। मुकेश बड़े हुए तो उन्होंने अपने पिता का हाथ बटाने के लिए उनके व्यवसाय को संभाल लिया, लेकिन उनके सपने कुछ और ही थे। उन्हें एक अच्छी नौकरी करनी थी, जिसके लिए वह लगातार मेहनत करते रहे। 

मुकेश रोजाना समय पर चाय की दुकान पर पहुंच जाते और वहां काम करते, लेकिन जब भी समय मिलता अपनी किताबें पढ़ने लगते। पूरा दिन दुकान पर काम करन के बाद भी मुकेश और उनके पिता के सामने कई समस्याएं थी। ऐसे मुकेश ने रात में एक और नौकरी करने का फैसला किया। दिनभर वह चाय के छोटे होटल पर काम करते फिर रात को नागोरी गेट क्षेत्र में स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम पर गार्ड की नौकरी भी करने लगे। इस दौरान वह रात को एटीएम के गार्ड रूम में बैठकर पढ़ाई करते। 
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मुकेश बताते हैं कि दिन रात काम के चलते उन्हें सोने के लिए भी पूरा समय नहीं मिल पाता था। रात को पांच-छह घंटे पढ़ाई करते, समय मिलने पर अपनी चाय की दुकान पर भी बैठकर पढ़ाई करते थे। उनकी यह मेहनत रंग लाई और अब मुकेश का सिलेक्शन पीडब्ल्यूडी में जूनियर इंजीनियर के पद पर हो गया है। मुकेश के घर में खुशी का माहौल है, लेकिन अब भी वह अपने पिता के व्यवसाय में हाथ बटाते हैं। अपनी सफलता को लेकर मुकेश कहते हैं कि नियमित अभ्यास, निरंतर पढ़ाई और कड़ी मेहनत ही सफलता पाने का तरीका है। इसका कोई शॉर्टकट नहीं होता है। 

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