राजस्थान में सरकार के बदलते ही पिछली सरकार के फैसलों को बदलने की कवायद भी शुरू हो गई है। कांग्रेस सरकार का कहना है कि वह राज्य की शिक्षा और किताबों में आरएसएस के प्रभाव पर पुनर्विचार करेगा।
शुक्रवार को शिक्षामंत्री का कार्यभार संभालने पर गोविंद डोटासरा ने कहा, 'वसुंधरा राजे सरकार ने देश के राष्ट्रपिता और पंडित जवाहर लाल नेहरू के योगदान को कम कर दिया था, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता में अहम भूमिका निभाई थी। ठीक इसी तरह का व्यवहार राष्ट्रीय प्रतीक जैसे कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ किया गया। मैं इस बात को सुनिश्चित करुंगा कि इन सभी राष्ट्रीय प्रतीकों को सही स्थान मिले।'
गोविंद डोटासरा ने कहा कि विभाग द्वारा बेटियों को दी जाने वाली भगवा साइकिल और ड्रेस बदलने की तैयारी मे है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के पिछले सत्र में लागू की गई यूनिफॉर्म के रंग की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। दो साल पहले भाजपा सरकार ने नौवीं कक्षा की छात्राओं को दी जाने वाली साइकिल के रंग को बदलकर भगवा कर दिया था। जिसपर काफी विवाद हुआ था।
उस समय कई संस्थाओं ने भाजपा के फैसले का विरोध किया था लेकिन सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला और छात्राओं को भगवा रंग की साइकिल ही वितरित की गईं। 2017-18 के सत्र के दौरान स्कूल यूनिफॉर्म को बदलकर हल्के भूरे रंग का शर्ट, कुर्ता और कत्थई रंग की पैंट, स्कर्ट, सलवार कर दिया गया था।
अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में मंत्री ने उन्हें पाठ्यपुस्तकों के पुनरीक्षण पर स्थिति रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, 'संदर्भ और वह अध्याय जो कट्टरता और झूठ की शिक्षा देते हैं उन्हें हटाया जाएगा।' आर्थिक तंगी से जूझ रहे राज्य के लिए 2019-20 के सत्र से पहले किताबों को बदलना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।