श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी क्षेत्र में हरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्राम पंचायत 10 केडी के 30 एएस इलाके में झाड़-फूस की कटाई की आड़ में पेड़ों को काटा जा रहा था, जिसके खिलाफ पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय लोग तहसील कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।
जिले के रावला मंडी इलाके में हरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत 10 केडी के 30 एएस क्षेत्र में झाड़-फूस की कटाई की आड़ में हरे पेड़ों को काटा जा रहा था। इस मामले में दो वनकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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धरने पर बैठे थे लोग, प्रशासन को दी थी चेतावनी
पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इस अवैध कटाई के खिलाफ तहसील कार्यालय के सामने धरना दिया था। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार शाम को साफ कहा था कि अगर दोषी वनकर्मियों और क्षेत्रीय वन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो बीकानेर से “खेजड़ी बचाओ आंदोलन” से जुड़े लोग बड़ी संख्या में आकर आंदोलन को और तेज करेंगे।
दबाव में आया प्रशासन, मौके पर पहुंचे अधिकारी
लोगों के दबाव का असर प्रशासन पर पड़ा। मंगलवार शाम को एडीएम अशोक सागंवा, डीएफओ राकेश दुलार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे लोगों से लंबी बातचीत की। बातचीत के बाद सहमति बनी और क्षेत्रीय वन अधिकारी लक्ष्मण राम मीणा तथा सहायक वनपाल श्रवण सिंह को निलंबित कर दिया गया।