सरकार से वार्ता की बात पर बिफरे आंदोलनकारी।
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12 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर में हाइवे पर चल रहे माली, सैनी, कुशवाहा, मौर्य, शाक्य समाज के आरक्षण आंदोलन को लेकर घटनाक्रम सोमवार दोपहर बाद बदल गया। आंदोलन की अगुवाई कर रहे नेता मुरारी लाल सैनी और शैलेंद्र कुशवाहा समेत 16 लोगों को भरतपुर के सेवर जेल,करौली और बयाना से रिहा कर दिया गया। जिसके बाद आंदोलन के संयोजक मुरारी लाल सैनी आंदोलन स्थल अरोदा पहुंचे, तो आंदोलनकारियों ने जेल से छूटे नेताओं को कंधे पर उठा लिया और सभी लोगों के बीच भव्य स्वागत सम्मान किया गया।
कमेटी जयपुर जाकर सरकार से बात करेगी
आंदोलन स्थल पर आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए मुरारी लाल सैनी ने एलान कर दिया कि हम हाईवे खाली कर रहे हैं, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा। हम हाईवे से 500 मीटर दूर बैठेंगे। जहां एक कमेटी बनेगी और वह कमेटी जयपुर जाकर आरक्षण के संबंध में प्रदेश की सरकार से वार्ता करेगी। जिसके बाद आंदोलनकारियों ने इसका पुरजोर तरीके से विरोध किया और ज्यादातर आंदोलनकारी नेता मुरारीलाल पर भड़क गए।आंदोलनकारियों ने कहा कि वह हाईवे खाली नहीं करेगे।
शैलेन्द्र कुशवाह को भी आंदोलनकारियों ने कही खरी
इस दौरान संघर्ष समिति के सदस्य शैलेंद्र कुशवाहा ने आंदोलनकारियों से कहा कि आप लोग हाईवे पर ही डटे रहें, हम जयपुर वार्ता के लिए जाएंगे। वार्ता सकारात्मक होती है, तो आपको मैसेज किया जाएगा। लेकिन इसका भी आंदोलनकारियों ने विरोध किया।
12 परसेंट आरक्षण की चिट्ठी चाहिए तभी हाइवे से हटेंगे
आंदोलनकारियों ने कहा कि कमेटी जयपुर वार्ता के लिए जाए और वार्ता सकारात्मक रहे या नकारात्मक रहे। हमको 12 परसेंट आरक्षण की चिट्ठी चाहिए, तभी हम हाईवे से हटेंगे, नहीं तो हम हाईवे पर ही डटे रहेंगे।