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Rajasthan: यहां बनेगा प्रदेश का पहला अतिसंवेदनशील गवाह बयान केंद्र, शनिवार को हाईकोर्ट के जज करेंगे शुभारंभ

Fri, 06 Dec 2024 08:51 PM IST
सिरोही ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

सार

राजस्थान के सिरोही में प्रदेश का पहला अतिसंवेदनशील गवाह बयान केंद्र शनिवार, 2 दिसंबर को न्यायाधिपति विरेन्द्र कुमार और फरजंदअली द्वारा उद्घाटित किया जाएगा। यह केंद्र संवेदनशील गवाहों जैसे यौन उत्पीड़न पीड़ित, बच्चों, और तनावग्रस्त गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है।
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सिरोही सरूपविलास परिसर में बनेगा केंद्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिरोही में प्रदेश का पहला अतिसंवेदनशील गवाह बयान केंद्र बनेगा। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति विरेन्द्र कुमार एवं न्यायाधिपति फरजंदअली कल शनिवार दोपहर 1.30 बजे इस सुविधा का समारोहपूर्वक शुभारम्भ करेंगे। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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न्यायाधिपति विरेन्द्र कुमार एवं फरजंदअली द्वारा जिला मुख्यालय सिरोही स्थित सरूपविलास परिसर में शनिवार दोपहर 1.30 बजे अतिसंवेदनशील गवाह बयान केंद्र का शुभारम्भ किया जाएगा। यह प्रदेश का पहला अतिसंवेदनशील गवाह बयान केन्द्र होगा। जिला एवं सेशन न्यायाधीश सिरोही रूपा गुप्ता ने बताया कि शुभारम्भ कार्यक्रम के संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय एवं राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशानुसार इस प्रकार के केंद्रों की स्थापना की जा रही है। इसमें राजस्थान में ऐसा पहला केंद्र सिरोही जिला मुख्यालय पर स्थापित किया जा रहा है।

अतिसंवेदनशील गवाह केंद्र पर मिलेगी कई प्रकार की सुविधाएं
अतिसंवेदनशील गवाह बयान केंद्र में संवदेनशील गवाहों जैसे कि यौन उत्पीड़न के पीड़ितों, बच्चों या उन गवाहों के बयान रिकाॅर्ड किए जांएगे, जो गवाही देने के दौरान डर या तनाव महसूस करते हैं। केंद्र में वीडियो कांफ्रेंस से बयान की सुविधा, आरामदायक एवं सहायक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गवाह के मानसिक तनाव में कमी और साक्ष्य की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित होगा। इसके अलावा गवाहों को डराने धमकाने वाले मामलों पर रोकथाम एवं ऐसे गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके लिए केंद्र में सहज एवं सुविधायुक्त गवाह बाॅक्स और पृथक आरोपी बाॅक्स की व्यवस्था की गई है। 
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जागरूकता के लिए हुआ कार्यक्रम का आयोजन
सिरोही जिले के ग्राम पंचायत झाड़ोली की आंगनबाड़ी केंद्र पर अंशु राठौड़, हेमलता भाटी, रुचिका रावल, कुलसुमबानो महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम सप्ताह के तहत् जागरूकता महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सशक्तीकरण व समग्र विकास की दिशा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। महिलाओं को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध, निवारण) अधिनियम 2013 के विषय में जानकारी देते हुए कहा महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। जिस भी संस्थान में 10 या उससे अधिक लोग कार्य करते हैं उन पर यह अधिनियम लागू होगा। उन्हाेंने अधिनियम के तहत शिकायत प्रक्रिया सहित अन्य आवश्यक जानकारी दी।

अपराध और अपराधी को बढ़ावा तभी मिलता है, जब विरोध नहीं होता
कार्यक्रम के तहत महिलाओं को पॉक्सो एक्ट के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधी को बढ़ावा तभी मिलता है, जब इसका विरोध नहीं किया जाता। इसलिए आवश्यक है कि महिलाएं खुद की शक्ति को पहचानें और अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद करें। क्षेत्र या आस पास किसी भी महिला के साथ हिंसा हो रही है तो महिलाओं की सहायता के लिए विभाग द्वारा संचालित केंद्र सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र से सहायता ले सकती हैं। महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र और सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्य प्रणाली से भी अवगत कराया साथ ही महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 के विषय में जानकारी दी और कहा कि महिलाएं शोषण ओर अत्याचार के खिलाफ बेझिझक होकर सहायता ले सकती है। साथीन मनीषा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिंकी मौजूद रहीं।

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