सिरोही जिले में गत 21 फरवरी को जिला पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभालने वाली वंदिता राणा को राज्य सरकार द्वारा अगले ही दिन 22 फरवरी को हटा दिया गया। अब उनकी जगह अनिल कुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस मामले में संयुक्त शासन सचिव कनिष्क कटारिया द्वारा 22 फरवरी 2024 को जारी किए गए आदेश में 24 पुलिस अधीक्षकों को स्थानांतरित किया गया है। उधर, पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा द्वारा जिले में 13 इंस्पेक्टरों एवं 11 सब इंस्पेक्टरों को भी इधर-उधर किया गया है।
सिरोही में गत 21 फरवरी को जिला पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभालने वाली वंदिता राणा को राज्य सरकार द्वारा महज एक दिन में हटा दिया गया। अब उनकी जगह अनिल कुमार को यह जिम्मेवारी सौंपी गई है। उधर, पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा द्वारा जिले में 13 इंस्पेक्टरों एवं 11 सब- इंस्पेक्टरों को भी इधर-उधर किया गया है। संयुक्त शासन सचिव कनिष्क कटारिया द्वारा 22 फरवरी 2024 को जारी किए गए आदेश में 24 पुलिस अधीक्षकों को स्थानांतरित किया गया है। इसमें सिरोही पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा को कोटपुतली, बहरोड़ लगाया गया है। जबकि बहरोड़ पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार को उनके स्थान पर सिरोही पुलिस अधीक्षक लगाया गया है। इस मामले में सबसे गौर करने वाली बात यह है कि वंदिता राणा ने गत 21 फरवरी को ही ज्वाइन किया था।
जिले के पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल
उधर, जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा द्वारा 22 फरवरी को जारी किए एक आदेश में 13 इंस्पेक्टर और 11 सब इंस्पेक्टर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। इसमें पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह को कोतवाली थाना अधिकारी, पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर बाबूलाल को शिवगंज थाना अधिकारी, पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर हमीर सिंह को पुलिस थाना पिंडवाड़ा, पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर लता वेगंड को साइबर थानाधिकारी, अनादरा से इंस्पेक्टर बंसीलाल को आबूरोड शहर थानाधिकारी, रेवदर थाना अधिकारी इंस्पेक्टर कपूराराम को पुलिस थाना आबूरोड सदर, पिंडवाड़ा थाना अधिकारी इंस्पेक्टर सीताराम को रीको थाना आबूरोड, सिरोही सदर थाना अधिकारी इंस्पेक्टर सहदेव चौधरी को थाना अधिकारी रेवदर, कोतवाली थाना अधिकारी हंसाराम को पालड़ी, आबूरोड सदर इंस्पेक्टर हरचंदराम को पुलिस थाना स्वरूपगंज, माउंटआबू थानाधिकारी इंस्पेक्टर किशोरसिंह को अपराध सहायक कार्यालय, अपराध सहायक कार्यालय से इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को थानाधिकारी कालंद्री एवं शिवगंज थाना अधिकारी इंस्पेक्टर अचलदान को पुलिस थाना माउंटआबू लगाया गया है।
इसके साथ ही कालंद्री थानाधिकारी सब इंस्पेक्टर टीकमाराम को थाना बरलूट, पुलिस लाइन से सब इंस्पेक्टर मनीष सोनी को सिरोही सदर थाना, पुलिस लाइन से सब इंस्पेक्टर रविंदरपाल सिंह को पुलिस थाना मंडार, सिरोही अस्पताल चौकी से सब इंस्पेक्टर पूराराम को पुलिस चौकी मावल रीको आबूरोड, पुलिस लाइन से सब इंस्पेक्टर पन्नालाल को पुलिस चौकी मौरस पिंडवाड़ा, स्वरूपगंज थाने से सब इंस्पेक्टर कमल सिंह को पुलिस थाना अनादरा, पुलिस लाइन सिरोही से सब इंस्पेक्टर जितेंद्रसिंह को पुलिस थाना रोहिड़ा, रोहिड़ा थाना अधिकारी शब्बीर मोहम्मद को पुलिस लाइन, आबूरोड रीको थानाधिकारी सब इंस्पेक्टर कानाराम को पुलिस थाना कैलाशनगर, एससी-एसटी सेल कार्यालय से सब इंस्पेक्टर भंवरलाल को अस्पताल पुलिस चौकी सिरोही एवं पुलिस चौकी मोरस, पिंडवाड़ा से सब इंस्पेक्टर गोकुलराम को पुलिस थाना आबूरोड सदर लगाया गया है।
आबूरोड पंचायत समिति अंतर्गत कर्मचारियों के तबादलों को लेकर आयोजित हुई थी स्टर्टिंग कमेटी सदस्यों की बैठक
यह मामला आबूरोड पंचायत समिति का है। यहां पर आबूरोड पंचायत समिति अंतर्गत कर्मचारियों के तबादलों को लेकर प्रधान लीलाराम गरासिया की अध्यक्षता में गुरुवार रात स्टर्टिंग कमेटी सदस्यों की बैठक का आयोजन किया गया था। इससे पहले कि इस मामले में कोई निर्णय लिया जा सकता। प्रधान लीलाराम गरासिया एवं उपप्रधान ललित सांखला में सहमति नही बन पाई। दोनों के ही अपने-अपने पक्ष पर अड़े रहने से नोक झोक शुरू हो गई। जो एकाएक बहस में बदल गई। मामले को तूल पकड़ता देख बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत किया। इसके बाद बैठक को स्थगित कर दिया गया।
करीब आधा घंटे चली इस बैठक में पंचायत समिति अंतर्गत कर्मचारियों के तबादलों को लेकर चर्चा की गई। लगातार दूसरी बार इसमें सहमति नहीं बन सकी। उल्टा, अपने-अपने नामों को लेकर प्रधान लीलाराम गरासिया एवं उप प्रधान ललित सांखला में विवाद हो गया। आपसी नोक झोक से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते बहसबाजी में बदल गया। इसके बाद बैठक का माहौल गर्म हो गया। मामले को तूल पकड़ता देख बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों ने बीच बचाव किया। दोनों को समझाइश कर मामले को शांत किया।
राज्य सरकार द्वारा तबादलों के समय को दो दिन और बढ़ाने के बाद स्टर्टिंग कमेटी सदस्यों की इस बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में आबूरोड पंचायत समिति अंतर्गत कार्यरत ग्राम विकास अधिकारियों, सहायकों एवं लिपिकों सहित अन्य पदों के कर्मचारियों के तबादलों पर विचार विमर्श किया जाना था। इस दौरान प्रधान लीलाराम गरासिया एवं उपप्रधान ललित सांखला द्वारा अपने-अपने नाम रखे गए। कई नामों को लेकर दोनों में आपसी सहमति नही बन सकी।
इस पर दोनों ही अपने अपने नामों पर अड़ गए, जिससे दोनों में विवाद हो गया। इसके बाद दोनों में नोक झोक शुरू हो गई, जो देखते ही देखते बहसबाजी में बदल गई। इससे बैठक का माहौल गर्मा गया। मामले को तूल पकड़ता देख बैठक में मौजूद अन्य सदस्य खड़े हुए तथा बीच बचाव करते हुए मामले को शांत किया। इसके बाद बैठक को स्थगित कर दिया गया। इस मामले में उप प्रधान ललित सांखला ने कहा कि यह मामूली बात है। प्रधान एवं उनके द्वारा जो नाम दिए गए थे, उसमें सहमति नहीं बनने से थोड़ा विवाद हो गया था। हर बैठक में इस तरह की स्थिति होती रहती है। यह कोई विशेष बात नहीं है।
कोई विवाद जैसी बात नहीं है। हर परिवार में जब सदस्य एक साथ बैठते हैं तो छोटी मोटी बातें होती रहती हैं। यह परिवार का आपसी मामला है।
लीलाराम गरासिया, प्रधान, पंचायत समिति, आबूरोड