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Sirohi News: पुलिस ने 1.80 करोड़ की ठगी के आरोपी को छत्तीसगढ़ से पकड़ा, झूठे इलाज के नाम पर की थी धोखाधड़ी

Sat, 07 Dec 2024 10:01 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

सार

पिंडवाड़ा पुलिस ने 1.80 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो साल से फरार आरोपी विक्रम कुमार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से गिरफ्तार किया। आरोपी ने पीड़ित से फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और मोबाइल मैसेज के जरिये पैसे हड़पे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिंडवाड़ा पुलिस द्वारा मोबाइल से फर्जी मैसेज भेजकर 1.80 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में वांछित आरोपी को बिलासपुर छतीसगढ़ से गिरफ्तार किया गया। वह दो साल से लगातार फरार चल रहा था। गिरफ्तार आरोपी पीड़ित का रिश्तेदार ही निकला है।

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पिंडवाड़ा पुलिस थानाधिकारी हमीर सिंह भाटी की अगुवाई में टीम द्वारा झांकर, पुलिस थाना पिण्डवाड़ा, जिला सिरोही निवासी विक्रम कुमार पुत्र मोतीलाल घांची को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मोबाइल से फर्जी मैसेज भेजकर 1.80 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में वांछित था। बीते दो साल से लगातार फरार चल रहा था। 

षड्यंत्रपूर्वक बनाई मेडिकल की फर्जी रिपोर्ट
पुलिस के अनुसार इस मामले में झॉकर, पुलिस थाना पिंडवाड़ा, जिला सिरोही निवासी केसाराम पुत्र वेनाजी घांची ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी पत्नि के इलाज के बाद 21 मार्च 2020 को अमर आशीष अस्पताल उदयपुर में उसकी पत्नि ने एक बेटे एवं एक बेटी जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। जन्म से समय उसका बेटा बीमार होने से अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बच्चों के अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। इस पर उसके भतीज का लड़का उसके बेटे को इलाज के लिए बच्चों के भंडारी अस्पताल उदयपुर में लेकर गया था। वहां पर उसका इलाज चला व बच्चे के शरीर की जांच करवाई थी। इसमें उसके भतीज के लड़के विक्रम कुमार ने षडयंत्र रचकर मेडीकल की फर्जी रिपोर्ट बनवाई थी। इस रिपोर्ट में कांटछांट कर उसके नवजात बच्चे की लेफ्ट किडनी स्मॉल व उसके जननांग में समस्या बताकर उसका ऑपरेशन 6 महीने बाद कराने व एक वैक्सीन की कीमत 1.50 लाख रुपये बताते हुए दो साल तक हर महीने की एक वैक्सीन लगाने की बात कही थी। उसे आरोपी विक्रम ने यह भी कहा था कि वैक्सीन लगाने के लिए हर महीने बच्चे को उदयपुर ले जाना पड़ेगा। इसमें काफी खर्चा आएगा। चूंकि, वह अपने बच्चे की जान हर सूरत में बचाना चाहता था तथा उसे उसके भतीज के लड़के विक्रम की बातो पर पूरा विश्वास था। विक्रम कुमार ने उसके वैक्सीन लगवाने का कह कर लाखो रुपए ऐंठ लिए, जबकि उसके बेटे को एक भी वैक्सीन नहीं लगी थी। उसे मोबाइल से फर्जी मैसेज भेजकर 1.80 करोड़ रुपये की ठगी व धोखाधड़ी की है। इस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
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धोखाधड़ी के बाद से गायब था आरोपी
पुलिस के अनुसार धोखाधड़ी के बाद से वांछित आरोपी फरार था। मामला दर्ज होंने के बाद गंभीरता से लेते हुए इसको ट्रेस आउट करने की कवायद शुरू कर दी गई। आरोपी घोखाधड़ी के बाद घर से गायब हो गया था जो अन्य राज्य में अलग-अलग जगह रह रहा था। पुलिस थाना पिण्डवाड़ा व डीसीआरबी टीम द्वारा तकनिकी सहायता से उसे बिलासपुर छतीसगढ़ से दस्तयाब कर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी के पास से बरामदगी के प्रयास जारी है।

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