आबूरोड रेलवे स्टेशन पर बीती रात दर्दनाक हादसा हुआ, जब आरक्षण कार्यालय के बाहर सो रही एक तीन वर्षीय मासूम बालिका को एक सांड ने कुचल दिया। हादसे में बालिका की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय टैक्सी चालकों ने सक्रियता दिखाते हुए बच्ची और उसके परिजनों की सहायता की, लेकिन रेलवे प्रशासन इस पूरी घटना से अनभिज्ञ बना रहा।
घटना रात करीब डेढ़ बजे की है। मुंडारा (पाली) निवासी गुलाब (40) अपनी पत्नी कन्या (35) और चार बच्चों के साथ गुजरात जाने के लिए रेलवे स्टेशन के आरक्षण कार्यालय के बाहर सो रहे थे। इसी दौरान स्टेशन परिसर में घूम रहा एक बैल वहां पहुंचा और तीन वर्षीय राधिका के ऊपर पैर रखकर कुचल दिया। बालिका की चीख सुनकर परिजन जागे और मदद के लिए चिल्लाए।
मौके पर मौजूद टैक्सी चालकों और अन्य यात्रियों ने सांड को भगाया और तुरंत घायल बच्ची को आकराभट्टा सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद टैक्सी चालकों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए बच्ची के शव और परिजनों को मुंडारा भेजने की व्यवस्था की।
घटना के बाद रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया।
मामले में रेलवे सुरक्षा बल प्रभारी विकास कुमार मीणा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। स्टेशन अधीक्षक महेंद्रप्रताप यादव ने घटना की जानकारी होने से इंकार करते हुए इसे रेलवे सुरक्षा बल का मामला बताया।
घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम शंकरलाल मीणा और तहसीलदार मंगलाराम मीणा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि बालिका के परिजनों ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से मना कर दिया और शव लेकर अपने गांव लौट गए।