ठंड में चाय के स्टाल पर अलाव के पास बैठे लोग।
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हिल स्टेशन माउंटआबू में बीते दो दिनों से मौसम में हलका सा बदलाव देखने को मिल रहा है। बीते कई दिनों से माइनस तापमान के बाद अब तापमान प्लस में आ गया है। गुरुवार सवेरे न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस एवं अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड दर्ज किया गया। माउंटआबू में इन दिनों सवेरे-शाम चल रही ठंडी हवाओं के तेवर भी थोड़ा नरम पड़े हैं।
हालांकि, सवेरे सूरज निकलने तक घने कोहरे का वातावरण लगातार बना है। इस दौरान ठंड में पहले की तरह से तेजी बनी रहती है लेकिन, बाद में जैसे जैसे दिन बढ़ता जाता है ठंडक का असर कम होता रहता है। कुछ समय धूप सेकना अच्छा लगता है। इसके बाद इसमें तेजी की वजह से चुभन का वातावरण बना रहता है। नक्कीलेक, पोलोग्राउंड, अम्बेडकर सर्किल, अचलगढ, देलवाड़ा जैन मंदिर, गुरुशिखर सहित विभिन्न क्षेत्रों में सवेरे शाम ठंड से बचाव के लिए लोग जगह-जगह अलाव तापते देखे जा सकते हैं।
उधर, पर्यटक इस मौसम का भरपूर मजा ले रहे है। माउंटआबू आने वाले पर्यटकों के लिए लाल मूली।खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। शहर में जगह जगह खड़ी लड़ियों में खाने में बेहद स्वादिष्ट ये मूली सजी हुई देखी जा सकती है।
स्कूली बच्चे हो रहे परेशान
उधर, माउंटआबू में सबसे ज्यादा परेशान स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे हो रहे है। घने कोहरे के बीच जब आम लोग ठंड से बचाव के लिए तरह तरह के जतन कर रहे है। वहीं, अब तक स्कूलों की छुट्टियां नहीं होने से उन्हें कंपकपाते हुए जाना पड़ रहा है। इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि हर बार तेज सर्दी के दौरान जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर उन्हें राहत प्रदान की जाती है। इस बार जहां आमजन भी धूप निकलने से पहले तक घरों से बाहर निकलने से परहेज करता है वहीं, ये नौनिहाल कंपकपाते हुए स्कूल जाने को मजबूर है।