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Rajasthan: सिरोही में अनोखी गाय दौड़ की परंपरा, अगले साल का लगाते हैं अनुमान, किसानों को मिलता है ये संकेत

Sun, 03 Nov 2024 08:58 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

सार

सिरोही जिले में रोहिड़ा के समीप वासा गांव में हर साल दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर गायों की दौड़ का आयोजन किया जाता है। इस परंपरा के अनुसार, विजेता गाय के रंग के आधार पर अगले साल बारिश और फसल की अच्छी स्थिति का अनुमान लगाया जाता है।
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गाय दौड़ परंपरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिरोही का वासा गांव अपनी ऐतिहासिक परंपरा के लिए जाना जाता है। वासा गांव से आगामी साल के लिए अच्छा रहने का संकेत मिला है। वासा गांव में ग्रामीणों ने गोवर्धन पूजा में गायों की दौड़ से आगामी साल का भविष्य देखकर सालों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन किया।

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प्राचीन परंपरानुसार गोवर्धन पूजा के दिन शनिवार को आयोजित हुई गायाें की दौड़ के मुताबिक, आगामी साल अच्छा व उन्नतिदायक रहने का संकेत मिला है। बताया जा रहा है कि आगामी साल के अच्छे भविष्य का संकेत मिलने से क्षेत्र के लोगों में खुशी छा गई। उल्लेखनीय है कि वासा गांव में शनिवार को गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान मेला भी भरा, जिसमें गायों की दौड़ प्रतियोगिता से साल के अच्छे व खराब रहने के बारे में भविष्य देखा गया। मेला कमेटी के लोगों ने बताया कि सुबह गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें गायों की दौड़ आयोजित कर आगामी साल के अच्छे व खराब रहने के बारे में भविष्य देखा गया। ग्वालों द्वारा गायों को हरे कृष्ण उपदेश के गाने सुनाए। फिर स्थानीय ग्वालों द्वारा गायों का रंग रोगन व पूजा कर गायों को गुड़ खिलाया। इसके बाद गांव के ओड़े से गायों की दौड़ आयोजित की गई।

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ऐसे देखते हैं आगामी साल का भविष्य
यहां वासा गांव में गोवर्धन पूजा के दिन गायों की दौड़ आयोजित कर आगे रहने वाली गाय से आगामी साल का अच्छे या बुरे होने का संकेत देखा जाता है। यह परंपरा कई साल से चली आ रही है। शनिवार को आयोजित हुई गायों की दौड़ में श्याम रंग की गाय सबसे आगे रहने से आने वाला साल अच्छा रहने का संकेत मिला है। जबकि सफेद रंग की गाय के आगे रहने पर आगामी साल सामान्य और यदि काले रंग की गाय आगे रहती है तो उस साल अकाल व खराब रहने की मान्यता है। ऐसे में इस बार श्याम रंग की गाय आगे रहने से अच्छे साल के संकेत से क्षेत्र के लोगों में खुशी दौड़ गई।

दिवाली के अगले दिन निभाई जाती है यह परंपरा
दिवाली के दूसरे दिन वासा गांव में शनिवार को गोवर्धन पूजा, नंदी पूजा और अन्नकुट पूजन किया गया। गोवर्धन मेले में गायों की दौड़ हुई। अलग-अलग रंग की अनेकों गाय मुकाबले में दौड़ी। श्याम रंग की गाय सबसे आगे रही। आखरीया चौक में दौड़ से पहले शोभायात्रा के साथ ग्रामीण नाचते-गाते हुए पहुंचे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। बरसों से चली आ रही परंपरा को आज भी मनाया जाता है।
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सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल रहा तैनात
इस परंपरा को देखने के लिए निकटम गांवों से हजारों की संख्या में लोग वासा गांव में आते हैं। जो इस कार्यक्रम को देखने का आंनद उठाते हैं। इस दौरान क़ोई अप्रिय घटना न हो, उसको लेकर रोहिड़ा पुलिस का जाब्ता थानाधिकारी जितेंद्र सिंह देवड़ा के नेतृत्व में मौजूद रहा।

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