दौसा जिले में हुई आर्यन मौत के बाद जिम्मेदार अधिकारी एक्टिव मोड पर आ गए है। भविष्य में नकारा एवं खुले बोरवेल तथा ट्यूबवेल नहीं रहे इसके लिए राज्यस्तरीय हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इसमें आमजन से ऐसी सूचनाएं तत्काल स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं राज्यस्तरीय हेल्पलाइन नंबरों पर देने का आग्रह किया गया है।
गौरतलब है कि बीते कई सालों में प्रदेश में नकारा बोरवेल, ट्यूबवेल में छोटे बच्चों के गिरने की कई घटनाएं घटित हुई हैं, ऐसी घटनाओं में स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन द्वारा सूचना प्राप्त होने पर बोरवेल में फंसे हुए बच्चों को बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जाते हैं। चूंकि राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) राज्य में इस प्रकार की घटनाओं की सूचना मिलने पर प्रथमतः घटनास्थल पर पहुंचकर कार्यवाही करता है तथा विगत कई घटनाओं में बच्चों को बोरवेल से जीवित एवं सकुशल रेस्क्यू कर बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। भविष्य में राज्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो तथा मानवीय श्रम एवं संसाधनों का अपव्यय न हो इसके लिए राज्य स्तर पर हेल्पलाइन की स्थापना की गई है।
हेल्पलाइन नंबर
टेलीफोन नम्बर 0141-2759903 (एसडीआरएफ कन्ट्रोल रूम जयपुर), मोबाइल नंबर 8764873114 सीयूजी वाट्सऐप नम्बर। कमांडेंट राज्य आपदा प्रतिसाद बल राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि यदि किसी के क्षेत्र में या उनके आस-पास किसी भी स्तर पर खुला या परित्यक्त बोरवेल अथवा ट्यूबवेल दिखाई दे तो तुरन्त दिए गए हेल्पलाइन नम्बर पर सूचित करें। मौके फोटोग्राफ्स मय स्थान का विवरण अंकित करते हुए भेजे। एसडीआरएफ द्वारा इस प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित कर ऐसे ट्यूबवेल को बंद करवाने की तत्काल कार्रवाई की जाएगी।