दीनदयाल उपाध्याय अंतोदय संबल पखवाड़ा शिविर
जिले की ग्राम पंचायत ऊंदरा में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा शिविर में वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान किया गया। 85 वर्षीय केली बाई की 9 महीने से बंद पड़ी सामाजिक सुरक्षा पेंशन पुनः शुरू की गई, वहीं 19 सहखातेदारों की कृषि भूमि का खाता विभाजन कर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया गया।
पिंडवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत ऊंदरा निवासी केली बाई, पत्नी समरथाजी रेबारी की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले 9 महीनों से बंद थी। पेंशन बंद होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। केली बाई की उम्र लगभग 85 वर्ष है और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। उनकी उंगलियों के निशान एवं आंखों की पुतलियों के मिलान में समस्या होने से उनका वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं हो पा रहा था और इसी के चलते बीते नौ महीनों से उनकी पेंशन रुकी हुई थी। उनके पुत्र नवाराम को पखवाड़ा शिविर की जानकारी मिलने पर उन्होंने अतिरिक्त विकास अधिकारी चुन्नीलाल घांची से संपर्क किया। पेंशन सत्यापन हेतु आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा गया लेकिन प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद विकास अधिकारी की एसएसओ आईडी से ओटीपी प्राप्त कर केली बाई का भौतिक सत्यापन किया गया और उनकी पेंशन पुनः शुरू कर दी गई।
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उसी शिविर में ग्राम पंचायत ऊंदरा में भूमि विवाद का समाधान भी हुआ। 85 वर्षीय नारायणसिंह देवड़ा ने शिकायत की थी कि उनकी पारिवारिक कृषि भूमि का बंटवारा आपसी मतभेद के कारण वर्षों से लंबित था। पटवारी और भू-अभिलेख निरीक्षक द्वारा रिकॉर्ड के अवलोकन में पता चला कि खाता संख्या 510 में देवासी व राजपूत समुदाय के कुल 19 सहखातेदार हैं।
राजस्व अधिकारियों की समझाइश के बाद सभी सहखातेदार आपसी सहमति से बंटवारे के लिए तैयार हुए और राजीनामे के आधार पर खाता विभाजन प्रस्ताव तहसीलदार शंकरलाल परिहार को प्रस्तुत किया गया। तहसीलदार ने मौके पर ही स्वीकृति आदेश जारी किए। इस खाता विभाजन के बाद सभी खातेदार किसान क्रेडिट कार्ड योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, भूमि कनवर्जन, कृषि विद्युत कनेक्शन सहित कृषि से जुड़ी कई सरकारी योजनाओं के पात्र बन गए।