पुलिस के अनुसार हिम्मतनगर (गुजरात) निवासी बस में सवार लोग रूणेचाधाम से सुंधामाता, जालौर दर्शन कर वापस लौट रहे थे। आबूरोड-अम्बाजी मार्ग पर सियावा- सुरपगला के बीच बस अनियंत्रित नदी में जाकर पलटी खा गई। इसके बाद बस में चीख पुकार मच गई।
इस दौरान वहां से गुजर रहे वाहन चालक एवं आसपास में निवासरत लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। बस में फंसे घायलों को बाहर निकालने की कवायद शुरू की गई। दुर्घटना की जानकारी मिलने पर छापरी चौकी एवं आबूरोड रीको पुलिस थाने के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। 108 एम्बुलेंस की सहायता से घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल प्रभारी डॉ. पीएन गुप्ता, डॉ. एम्एल हिंडोनिया, डॉ. गौरव मेवाड़ा, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. भरत बामनिया, वरिष्ठ नर्सिंगकर्मी कैलाश कुमार एवं दुर्गेश सक्सेना की टीम द्वारा घायलों का इलाज किया गया।
पूर्व में भी हो चुके है हादसे, जिम्मेदार नहीं ले रहे है सबक
गौरतलब है कि जिस जगह यह बस गिरी है, वहां पर पूर्व में एक बार बस एवं कार भी अनियंत्रित होकर पलट चुकी है। इस जगह पर घुमाव के साथ ही दूसरी और नदी बह रही है। यहां पर सेफ्टीवाल भी नहीं है तथा सीसीरोड बना है, ऐसे में वाहन चालकों के अचानक ब्रेक लगाते ही दुर्घटनाएं हो जाती है। इस मामले में सार्वजानिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कई बार बताने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।