विप्र समाज, गौड़ सनाढ्य ब्राह्मण समाज, मैथिली समाज, विप्र फाउंडेशन एवं सर्व ब्राह्मण समाजबंधुओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में आबूरोड नगर निकाय चुनाव में ब्राह्मण समाज के दावेदारों को टिकट नहीं दिए जाने पर रोष जताया गया। राजनीतिक दलों के रवैये के विरोध में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया का पुतला फूंकने की चेतावनी दी गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आबूरोड शहर में ब्राह्मण समाज के 10 हजार से अधिक मतदाता हैं। शहर के हर वार्ड में ब्राह्मण समाज के मतदाता जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समाजबंधु अपनी राजनीतिक निष्ठा के अनुसार लगातार काम करते रहे हैं। इसके बावजूद इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों ने समाज के दावेदारों की उपेक्षा करते हुए उनकी टिकटें काट दीं। सामान्य वार्डों में भी अन्य वर्गों के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है। इससे ब्राह्मण समाज में नाराजगी है।
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वक्ताओं ने कहा कि ब्राह्मण समाज को राजनीतिक दल केवल वोटबैंक न समझें। राजनीतिक दलों को जितनी जरूरत समाज की है, उतनी ही जरूरत समाज की भी राजनीतिक दलों को है। दोनों दलों के इस रवैये के खिलाफ खुलकर विरोध जताने का निर्णय लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि समाजबंधु ब्राह्मण कॉलोनी स्थित परशुराम भवन से रैली के रूप में रेलवे स्टेशन तिराहा पहुंचेंगे। यहां भाजपा और कांग्रेस जिलाध्यक्षों का पुतला फूंककर उनके रवैये का विरोध किया जाएगा। इस दौरान नारेबाजी भी की जाएगी।
बैठक में गौड़ सनाढ्य ब्राह्मण समाज अध्यक्ष वैद्य दामोदर प्रसाद चतुर्वेदी, पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र शर्मा, विप्र समाज अध्यक्ष अमित जोशी, राजेंद्र तिवारी, सत्यनारायण शर्मा, गोपाल शर्मा, अशोक चतुर्वेदी, संतोष भारद्वाज, मनीष परसाई, सुनील शर्मा, नरेंद्र मिश्रा, सुमित जोशी, मनीष शर्मा और संदीप शर्मा सहित समाजबंधु मौजूद रहे।
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने का निर्णय
बैठक में समाजबंधुओं ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने का भी निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि अब राजनीतिक दलों को समाज की ताकत दिखाने का समय आ गया है। इसको लेकर समाजबंधुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।