सिरोही। सांसद लुंबाराम चौधरी ने ग्रह मंत्री अमितशाह से मुलाकात की।
सांसद चौधरी ने गृह मंत्री अमित शाह को बताया कि जालौर-सिरोही संसदीय क्षेत्र पानी की समस्या के चलते डार्क जोन घोषित है। ऐसे में समस्या के समाधान एवं लोगों को राहत प्रदान करने के लिए सुजलाम-सुफलाम नहर का सुदृढ़ीकरण कर इसे नर्मदा कैनाल से जोड़ने एवं पानी उपलब्ध करवाने की मांग की गई है। इस मामले में उनकी ओर से गृह मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में जल शक्ति मंत्री के माध्यम से गुजरात सरकार और राजस्थान सरकार की बैठक आयोजित करवाने, सुजलाम-सुफलाम नहर का सुदृढ़ीकरण करवाकर नर्मदा कैनाल से जोड़ने एवं डार्क जोन जिला जालौर-सिरोही को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया है।
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गौरतलब है कि 1 सितम्बर 1965 को दी गई खोसला कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात और राजस्थान के बीच बॉर्डर पर कडाणा बांध बनवाना प्रस्तावित था। उस समय दिनांक 1 अक्टूबर 1966 को राजस्थान एवं गुजरात सरकार के बीच माही जल बंटवारा समझौता हुआ था, इसमें कडाणा बांध का निर्माण किया गया था। समझौते के अनुसार गुजरात के खेडा जिले को कडाणा बांध से पानी तब तक मिलेगा जब तक नर्मदा का पानी नहीं आता है चूंकि अब नर्मदा का पानी गुजरात के खेडा जिले को मिल रहा है तो स्वत: ही समझौते के अनुसार कडाणा और माही बांध के पानी का 2/3 भाग राजस्थान के सिरोही और जालौर को मिलना तय हो चुका है। बहरहाल कडाणा बांध का पानी ओवरफ्लो होकर सुजलाम नहर के द्वारा समुद्र में जा रहा है। एक सर्वे के मुताबिक बीते 37 साल में बांध 27 बार ओवरफ्लो होकर 1.30 लाख एमसीएम पानी समुद्र में बहकर बर्बाद हो गया है।