अनादरा पुलिस थानाधिकारी अमराराम खोखर की अगुवाई में पुलिस टीम को 14 माह पूर्व अपहृत नाबालिग बालिका को सूरत, गुजरात से बरामद करने में सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है।
आरोपी कई दिनों से नाबालिग के बारे में कर रहा था पूछताछ
पुलिस के अनुसार, मामले में बिहार निवासी आरोपी को सूरत से गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई में अनादरा पुलिस थाना और सिरोही साइबर सेल की टीम शामिल रही। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता की मां ने 6 जुलाई 2026 को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि परिवार डबाणी में रहता है और उसकी बड़ी बेटी गर्मियों की छुट्टियों में अपने नाना-नानी के पास पंजाब गई थी। वह 17 जून 2025 को अपनी मां के साथ ससुराल गांव वापस आई थी।
परिवार के अनुसार, 5 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 2:30 बजे नाबालिग नजदीकी दुकान से आइसक्रीम लेने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन काफी देर बाद भी वापस नहीं लौटी। इसके बाद परिवार ने आसपास और अन्य स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। पीहर पक्ष से पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी कथित तौर पर पिछले कई दिनों से नाबालिग के बारे में जानकारी जुटा रहा था। इस आधार पर परिजनों ने आरोपी पर बहला-फुसलाकर उसे भगा ले जाने का अंदेशा जताया था।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि नाबालिग घर से सोने की एक चेन, दो अंगूठियां, एक जोड़ी कान की बालियां, चांदी की पायल और 15 हजार रुपये नकद लेकर गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
चार दिन तक सूरत में डेरा, घेराबंदी के बाद आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, आरोपी की तलाश में टीम गुजरात के सूरत पहुंची। पुलिस टीम ने वहां लगातार चार दिनों तक डेरा डालकर संदिग्ध ठिकानों की निगरानी की और सघन रैकी की। अथक प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी को चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नाबालिग को भी सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस टीम में ये अधिकारी-जवान रहे शामिल
कार्रवाई में अनादरा पुलिस थाना के सहायक उपनिरीक्षक भूराराम, सिरोही साइबर सेल के सहायक उपनिरीक्षक भवानीसिंह, हेड कांस्टेबल हीराराम, कांस्टेबल पुष्पेंद्र सिंह, बन्नेसिंह, हेमंत भारती, बदराम, राजेंद्र सिंह, हरजीराम, गोविंदराम और अम्बा शामिल रहे।