सिरोही। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिरोही।
आपातकालीन परिस्थितियों में अब मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों तक पहुंचने में पहले जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार के नए निर्देशों के तहत ऐसी स्थितियों में निःशुल्क एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीज का जल्द से जल्द इलाज शुरू हो सकेगा।
आपातकालीन एंबुलेंस सेवाएं होंगी प्रभावी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित एंबुलेंस सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अहम निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए सिरोही के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि प्रदेश में संचालित सभी एंबुलेंस वाहनों का संचालन भारत सरकार द्वारा जारी आरएफपी के क्लॉज 2.2 के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा।
किस लिए लिया गया यह फैसला
नए निर्देशों के अनुसार, आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को 'गोल्डन आवर' के दौरान त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिक लक्ष्य है। गंभीर मरीज की स्थिति को ध्यान में रखते हुए और मरीज अथवा उसके परिजनों की इच्छा के अनुसार, मरीज को नजदीकी निजी अस्पताल तक निःशुल्क एंबुलेंस परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि समय पर उपचार मिल सके और जीवन की रक्षा हो सके।
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आदेशों की सख्ती से पालना के निर्देश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. खराड़ी ने बताया कि राज्य स्तर से सभी संबंधित एजेंसियों, एंबुलेंस सेवा प्रदाताओं, जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, जिला कार्यक्रम प्रबंधकों तथा अन्य संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है। आदेशों की प्रभावी पालना के लिए जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित 108, 104 सहित सभी आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं का मुख्य उद्देश्य आमजन को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।