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Sirohi News: व्यापार में घाटा खाया तो बना डाला गैंग, किराए की टैक्सी लेकर चालकों से करते थे लूट, दो गिरफ्तार

Thu, 06 Nov 2025 05:05 PM IST
सिरोही ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

सार

किराए पर टैक्सी लेकर लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आबूरोड रीको थाना पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।
 
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टैक्सी लूटने वाली गैंग का पर्दाफाश
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विस्तार
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आबूरोड रीको थाना पुलिस ने दिन में टैक्सी किराए पर लेकर रात में उसे सूनसान इलाके में ले जाकर लूट करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से आबूरोड के समीप सियावा गांव से लूटी गई ओरा कार भी बरामद की गई है।

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गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि व्यापार में लगातार नुकसान होने के बाद उन्होंने गिरोह बनाकर लूटपाट का रास्ता अपनाया था। पुलिस अब आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है ताकि गैंग से जुड़ी और जानकारियां मिल सकें।

रीको थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चंपावत ने बताया कि मामले में गोविंदराम पुत्र अचलाराम मीणा और रविंद्रसिंह पुत्र दौलतसिंह राजपूत को गिरफ्तार किया गया है।
कार्रवाई में उपनिरीक्षक पुखराज, एएसआई भवानीसिंह, कांस्टेबल ओमप्रकाश, जयंतिलाल तथा साइबर सेल सिरोही से हेड कांस्टेबल भवानीसिंह, कांस्टेबल रमेश और सुरेश कुमार शामिल रहे।
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पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 2 नवंबर की रात करीब 1 बजे अपने साथियों के साथ जोधपुर रेलवे स्टेशन से एक ओरा कार किराए पर ली थी। वे कार को आबूरोड से आगे अंबाजी मार्ग पर सियावा गांव के पास एक सूनसान जगह पर ले गए, जहां ड्राइवर को डरा-धमकाकर रुपए मांगे। जब चालक ने बताया कि उसके पास पैसे नहीं हैं तो आरोपियों ने उसे नीचे उतार दिया और कार लेकर फरार हो गए। इस संबंध में कार चालक जोधपुर निवासी सुरेश कुमावत ने 3 नवंबर को आबूरोड रीको थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए रीको थाना और साइबर सेल सिरोही की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए। वारदात के बाद आरोपियों के संभावित मार्गों में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और विभिन्न स्थानों से तकनीकी डाटा एकत्र कर विश्लेषण किया गया। दिन-रात मेहनत के बाद टीम को सफलता मिली और दोनों आरोपियों को ट्रेस कर जालौर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई ओरा कार भी जब्त की है। घटना में शामिल एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी रविंद्रसिंह और उसका एक साथी बागरा, जालौर में आरओ वाटर प्लांट का व्यवसाय करते थे। इस प्लांट में गोविंदराम नौकरी करता था। प्लांट के लगातार नुकसान में रहने और काम बंद होने के बाद उन्होंने होटल व्यवसाय शुरू किया लेकिन उसमें भी घाटा हो गया। इसके बाद तीनों ने मिलकर एक गिरोह बनाया, जो अलग-अलग शहरों में टैक्सी किराए पर लेता था और रात में सूनसान जगह पर जाकर ड्राइवर से रुपए मांगता था।
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जो चालक पैसे दे देता था, उसे छोड़ देते थे और जो नहीं देता था, उसकी टैक्सी लूटकर फरार हो जाते थे।

आबूरोड रीको पुलिस की सतर्कता और साइबर टीम की तकनीकी जांच के चलते इस गिरोह का खुलासा हो पाया। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

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