सिरोही के टीएडी हॉस्टल की छात्राओं ने सोमवार को जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर से मुलाकात कर वार्डन पर लंबे समय से घटिया क्वालिटी का खाना देने का आरोप लगाया। छात्राओं ने मामले में कार्रवाई की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
छात्राएं नंगे पैर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कलेक्टर को अपनी समस्याएं बताईं। छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में लंबे समय से उन्हें खराब गुणवत्ता का खाना दिया जा रहा है। कई बार सब्जियों में कीड़े मिलने की बात भी छात्राओं ने कही। उनका कहना है कि वार्डन से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत करनी पड़ी।
वहीं, वार्डन ने छात्राओं के आरोपों को निराधार बताया है। वार्डन का कहना है कि हॉस्टल में अनुशासन बनाए रखने और नियम विरुद्ध मोबाइल फोन के इस्तेमाल को रोकने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की गई थी। व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कमेटियों का पुनर्गठन किया जा रहा था। उनका कहना है कि इसी सख्ती से नाराज होकर कुछ छात्राओं ने शिकायत की है।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
भोजन की गुणवत्ता और हॉस्टल की व्यवस्थाओं की जांच के लिए तहसीलदार, एडीपीसी और सरकारी स्कूल की महिला प्रिंसिपल की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति को पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि छात्राओं को कहीं पुराना या खराब राशन तो नहीं परोसा गया।
दूध की गुणवत्ता की भी होगी जांच
ये समिति करेगी जांच
मामले की जांच के लिए गठित समिति में सिरोही तहसीलदार जगदीश विश्नोई, एडीपीसी कांतिलाल आर्य और एक सरकारी स्कूल की महिला प्रिंसिपल को शामिल किया गया है। समिति हॉस्टल की व्यवस्थाओं, भोजन, राशन और दूध की गुणवत्ता समेत छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच करेगी।