जिले के पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र की मोरस पहाड़ियों में एक हफ्ते पहले मिले शव के मामले का खुलासा कर पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में मुख्य आरोपी ने अवैध संबंधों के संदेह में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
जानकारी के अनुसार पाली में सुमेरपुर तहसील के पुराडा निवासी सुरेश कुमार पुत्र प्रभुराम देवासी की गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके मामा शंकरलाल ने 11 फरवरी को सदर थाना सुमेरपुर में दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया कि सुरेश 8 फरवरी की सुबह काम के सिलसिले में घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा। तलाशी के दौरान उसकी कार और दस्तावेज उदयपुर जिले के लुहारचा क्षेत्र में मिले, जिससे परिजनों को शक हुआ।
परिजन और पुलिस टीम ने सुरेश कुमार के कॉल डिटेल के आधार पर उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान मोरस चौकी से आगे पहाड़ियों में बदबू आने पर जब टीम ने वहां जाकर देखा, तो एक नाले में सुरेश कुमार का शव मिला। उसके शरीर और चेहरे पर गहरे घाव थे। उसके पास मौजूद नकदी, मोबाइल, सोने-चांदी के जेवरात और कार भी गायब थी, जिससे साफ था कि लूट के इरादे से उसकी हत्या की गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक सुरेश कुमार फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन का काम करता था। इसी सिलसिले में उसका आमलीयाफली, मोरस (पिंडवाड़ा) निवासी आरोपी भाणाराम पुत्र कानाराम गरासिया के घर आना-जाना था। भाणाराम को शक था कि उसकी पत्नी के सुरेश कुमार से अवैध संबंध हैं। इसी शक के चलते उसने आमलीयाफली निवासी दीताराम पुत्र कालाजी गरासिया और सोमाराम पुत्र सींगाराम गरासिया के साथ मिलकर सुरेश की हत्या की साजिश रची।
आरोपियों ने सुरेश कुमार को डोडा पोस्त दिलाने का झांसा देकर मोरस की पहाड़ियों में बुलाया। वहां पहुंचने के बाद टोपीदार बंदूक से फायर कर उसकी हत्या कर दी और शव को बरसाती नाले में फेंक दिया। इसके बाद आरोपी उसका मोबाइल, नकदी और कार लूटकर फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देश पर पिंडवाड़ा थानाधिकारी भवानी सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।